Unit 20 · व्याकरण · 10 min read
प्रत्ययद्वारा शब्दनिर्माण (कृत् र तद्धित)
What the syllabus asks for 5
- प्रत्ययका दुई काम
- कृत् प्रत्यय
- तद्धित प्रत्यय
- आगन्तुक प्रत्यय
- कृत् र तद्धित छुट्याउने विधि
शब्दनिर्माणको दोस्रो र सबैभन्दा उपयोगी प्रक्रिया प्रत्यय हो। नेपालीका हजारौँ शब्द प्रत्ययबाटै बनेका छन् — लेख् धातुबाट लेखक, लेखन, लेखाइ, लेख्ने; सुन्दर बाट सुन्दरता। शब्दनिर्माणका ४ अङ्कमध्ये प्रायः दुई अङ्क प्रत्ययबाटै आउँछ। यहाँ प्रत्ययका दुई ठुला वर्ग — कृत् र तद्धित — छुट्टाछुट्टै हेरिन्छ।
शब्द वा धातुको पछाडि जोडिएर नयाँ शब्द बनाउने शब्दांशलाई प्रत्यय भनिन्छ। धातुमा लाग्ने प्रत्यय कृत्, र नाम–विशेषण–सर्वनाममा लाग्ने प्रत्यय तद्धित हो।
20.1 प्रत्ययका दुई काम
प्रत्ययका दुई फरक भूमिका छुट्याउनुहोस्:
| भूमिका | के गर्छ | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्युत्पादक (शब्दनिर्माणी) | नयाँ शब्द नै बनाउँछ | लेख् + अक = लेखक (नयाँ नाम) |
| रूपायनी (विभक्ति) | शब्द उही, रूप मात्र फेर्छ | केटा + हरू = केटाहरू; राम + ले |
यो एकाइमा व्युत्पादक प्रत्यय मात्र पढिन्छ। हरू, ले, लाई, को, मा प्रत्यय हुँदाहुँदै पनि शब्दनिर्माणी होइनन् — तिनले नयाँ शब्द बनाउँदैनन्, पदको रूप मात्र फेर्छन्।
20.2 कृत् प्रत्यय
धातु (क्रियाको मूल रूप) मा लाग्ने प्रत्यय कृत् हो। यसबाट बनेको शब्द कृदन्त कहलिन्छ।
| कृत् प्रत्यय | अर्थ/काम | उदाहरण |
|---|---|---|
| -नु | क्रियानाम बनाउने | गर्नु, खानु, पढ्नु, हिँड्नु |
| -न | उद्देश्यबोधक क्रियानाम | गर्न, खान, सुत्न, पढ्न |
| -ने | कर्तृवाचक विशेषण/नाम | गर्ने, लेख्ने, पढ्ने, गाउने |
| -आइ | भाववाचक नाम | पढाइ, लेखाइ, हिँडाइ, बोलाइ |
| -एको | पूर्ण कृदन्त | गरेको, खाएको, भनेको |
| -एर / -ई | पूर्वकालिक क्रिया | गरेर, खाएर, हेरी, गरी |
| -दै | अपूर्ण कृदन्त | गर्दै, खाँदै, हाँस्दै |
| -उवा | कर्ता/स्वभाव जनाउने | खनुवा, डसुवा, पिउवा |
| -आहा | स्वभाव जनाउने | लोभाहा, रिसाहा, झगडाहा |
| -अक | कर्तृवाचक (तत्सम) | लेखक, पाठक, गायक, नायक, दर्शक |
| -अन | भाववाचक (तत्सम) | लेखन, पठन, गमन, दर्शन, भोजन |
| -तव्य | गर्नुपर्ने अर्थ (तत्सम) | कर्तव्य, गन्तव्य, वक्तव्य |
| -ति | भाववाचक (तत्सम) | गति, मति, शक्ति, भक्ति |
| -आलु | स्वभाववाचक विशेषण | सिपालु, निद्रालु, कृपालु |
- कर्तृवाचक — काम गर्ने व्यक्ति: लेख + अक = लेखक, गाउ + ने = गाउने।
- कर्मवाचक — काम भोग्ने वस्तु: खा + ने = खाने (कुरा), पढ् + ने = पढ्ने (पुस्तक)।
- भाववाचक — काम आफैँ: पढ् + आइ = पढाइ, लेख् + अन = लेखन।
- करणवाचक — काम गर्ने साधन: कोर् + नी = कोरनी, बस् + नी = बस्नी।
20.3 तद्धित प्रत्यय
नाम, विशेषण वा सर्वनाममा लाग्ने प्रत्यय तद्धित हो। यसबाट बनेको शब्द तद्धितान्त कहलिन्छ।
| तद्धित प्रत्यय | अर्थ/काम | उदाहरण |
|---|---|---|
| -ता | भाववाचक (तत्सम) | सुन्दरता, मानवता, मित्रता, एकता |
| -त्व | भाववाचक (तत्सम) | महत्त्व, गुरुत्व, व्यक्तित्व, पितृत्व |
| -पन / -पना | भाववाचक (नेपाली) | बुढोपन, ठुलोपन, मीठोपना, बाल्यपन |
| -आइ | नापजोख जनाउने | लम्बाइ, चौडाइ, गहिराइ, उचाइ |
| -इलो | गुणवाचक विशेषण | रसिलो, फुर्तिलो, बाठिलो, माटिलो |
| -आलु | स्वभाववाचक विशेषण | दयालु, श्रद्धालु, ईर्ष्यालु |
| -इक | सम्बन्धवाचक (तत्सम) | सामाजिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, वार्षिक |
| -ई | सम्बन्ध/जाति/गुण | नेपाली, धनी, गुणी, दुःखी, पहाडी |
| -ए | बनावट/स्थान जनाउने | काठे, फलामे, भित्ते, माटे |
| -आली | समूह/स्थान | हिमाली, खेताली, जङ्गाली |
| -इया | स्थान/स्वभाव | पहाडिया, बजारिया, दुखिया |
| -वान् / -मान् | युक्त (तत्सम) | धनवान्, गुणवान्, बुद्धिमान्, श्रीमान् |
| -नी / -इनी | स्त्रीवाचक | डाक्टरनी, मास्टरनी, बाघिनी, नागिनी |
| -इका | स्त्रीवाचक (तत्सम) | बालिका, नायिका, लेखिका, गायिका |
| -औँ / -औँला | क्रमवाचक | पाँचौँ, दसौँ, बीसौँ |
20.4 आगन्तुक प्रत्यय
| प्रत्यय | स्रोत | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| -दार | फारसी | युक्त, राख्ने | जमिनदार, दुकानदार, इमानदार |
| -खोर | फारसी | खाने, दुर्व्यसनी | घुसखोर, हरामखोर, जमाखोर |
| -बाज | फारसी | गर्ने (नकारात्मक) | चालबाज, धोकेबाज, पत्तेबाज |
| -गिरी | फारसी | वृत्ति, व्यवहार | दादागिरी, नेतागिरी, मास्टरगिरी |
| -वाला | हिन्दी | बेच्ने, भएको | दूधवाला, रिक्सावाला, गाडीवाला |
| -ची | तुर्की | काम गर्ने | तोपची, खजान्ची, बाजाची |
| -इस्ट | अङ्ग्रेजी | वादी | कम्युनिस्ट, आर्टिस्ट, टाइपिस्ट |
20.5 कृत् र तद्धित छुट्याउने विधि
प्रत्यय हटाएपछि बाँकी रहेको आधारमा -नु जोडेर हेर्नुहोस्:
- लेखक → लेख → लेख्नु भन्न मिल्छ → आधार धातु हो → कृत्।
- सुन्दरता → सुन्दर → सुन्दर्नु भन्न मिल्दैन → आधार विशेषण हो → तद्धित।
प्रत्यय लाग्दा आधारमा हुने परिवर्तन
प्रत्यय जोडिँदा आधार शब्दको रूप पनि फेरिन सक्छ। रूप फेरिए पनि आधार त्यही हो भन्ने बिर्सनु हुँदैन।
| आधार | प्रत्यय | बनेको शब्द | आधारमा के भयो |
|---|---|---|---|
| गाउनु (गै) | -अक | गायक | ऐ को आय् भयो |
| लामो | -आइ | लम्बाइ | लामो को लम्ब भयो |
| मिठो | -आस | मिठास | मिठो को मिठ भयो |
| बुढो | -एसकाल | बुढेसकाल | ओ को ए भयो |
| हिँड्नु | -आइ | हिँडाइ | धातु यथावत् |
| दृश् | -अन | दर्शन | दृश् को दर्श भयो |
अर्थअनुसार तद्धितका भेद
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| भाववाचक | गुण वा भाव जनाउने | सुन्दरता, बुढोपन, महत्त्व |
| सम्बन्धवाचक | कुनै वस्तुसँग जोडिएको | सामाजिक, नेपाली, पहाडी |
| युक्तवाचक | भएको, राख्ने | धनवान्, बुद्धिमान्, इमानदार |
| स्त्रीवाचक | स्त्रीलिङ्ग जनाउने | बालिका, लेखिका, बाघिनी |
| ऊनवाचक | सानो वा प्रिय जनाउने | छोरी, बाबु, नानी |
| क्रमवाचक | क्रम जनाउने | पाँचौँ, दसौँ, बीसौँ |
प्रत्यय हटाएर बाँकी भागमा नु जोड्नुहोस्। क्रिया बन्यो भने कृत्, बनेन भने तद्धित। यो एउटै जाँचले परीक्षाको प्रायः हरेक प्रश्न छुट्याइदिन्छ।
प्रश्न. पढाइ, धनी, गायक, बुढोपन — प्रत्यय छुट्याई कृत् कि तद्धित भन्नुहोस्।
समाधान. १. प्रत्यय हटाउने. २. आधारमा नु जोडेर जाँच्ने. ३. वर्ग तोक्ने र अर्थ लेख्ने.
| शब्द | प्रत्यय | आधार | नु-जाँच | वर्ग |
|---|---|---|---|---|
| पढाइ | -आइ | पढ् | पढ्नु ✔ | कृत् (भाववाचक) |
| धनी | -ई | धन | धन्नु ✘ | तद्धित (युक्त अर्थ) |
| गायक | -अक | गै/गा | गाउनु ✔ | कृत् (कर्तृवाचक) |
| बुढोपन | -पन | बुढो | बुढ्नु ✘ | तद्धित (भाववाचक) |
प्रश्न. लेख् धातुबाट कृत् प्रत्यय लगाई छ शब्द बनाई अर्थ लेख्नुहोस्।
समाधान.
| शब्द | प्रत्यय | अर्थ |
|---|---|---|
| लेखक | -अक | लेख्ने व्यक्ति (कर्तृवाचक) |
| लेखन | -अन | लेख्ने काम (भाववाचक) |
| लेखाइ | -आइ | लेख्ने तरिका (भाववाचक) |
| लेख्ने | -ने | लेख्ने (विशेषण/नाम) |
| लेखिका | -इका | महिला लेखक (स्त्रीवाचक) |
| लेखनी | -नी | लेख्ने साधन (करणवाचक) |
टिप्पणी. लेखिका मा दुई प्रत्यय क्रमशः लागेका छन् — पहिले लेख् + अक = लेखक (कृत्), त्यसपछि लेखक + इका (तद्धित)। यसरी एउटै शब्दमा कृत् र तद्धित दुवै हुन सक्छन्।
प्रश्न. पढाइ र लम्बाइ दुवैमा -आइ छ। दुवै एउटै वर्गका हुन्?
समाधान. १. पढाइ → आधार पढ् → पढ्नु भन्न मिल्छ → धातु → कृत् प्रत्यय। २. लम्बाइ → आधार लामो/लम्ब → लम्बनु भन्न मिल्दैन → विशेषण → तद्धित प्रत्यय। ३. निष्कर्ष. प्रत्यय उही भए पनि वर्ग आधारले तय गर्छ, प्रत्ययले होइन। त्यसैले उत्तरमा सधैँ आधार देखाउनुहोस् — पढाइ = पढ् (धातु) + आइ।
- विभक्तिलाई शब्दनिर्माणी प्रत्यय भन्ने। केटाहरू, रामले, घरमा मा नयाँ शब्द बनेको छैन — यी रूपायन हुन्, शब्दनिर्माण होइन।
- प्रत्यय लाग्दा आधारको रूप फेरिएको नचिन्ने। गाउनु → गायक, लामो → लम्बाइ, मिठो → मिठास। रूप फेरिए पनि आधार त्यही हो।
- कृत् र तद्धित साटिने। -आइ, -आलु, -नी तीनै वर्गमा भेटिन्छन्; नु-जाँच नगरी अनुमान नलगाउनुहोस्।
- उपसर्ग र प्रत्यय एउटै ठान्ने। अपमान उपसर्गयुक्त हो, मानव प्रत्ययका लागि होइन; अपमानित मा दुवै छन् — अप (उपसर्ग) + मान + इत (प्रत्यय)।
- तत्सम प्रत्यय नेपाली शब्दमा जोड्ने। बुढोता, ठुलोत्व चल्दैन; बुढोपन, ठुलोपन चल्छ। तत्सम प्रत्यय तत्सम आधारसँग मात्र।
"प्रत्यय छुट्याउनुहोस्" भन्ने प्रश्नमा तीन कुरा लेख्नुहोस् — आधार, प्रत्यय, वर्ग। जस्तै: सुन्दरता = सुन्दर (विशेषण) + ता, तद्धित। तीनैमध्ये एउटा छुटे अङ्क काटिन्छ। "शब्द बनाउनुहोस्" भन्ने प्रश्नमा विग्रहसहित लेख्नुहोस्।
पाठको सार
- प्रत्यय शब्दको पछाडि जोडिन्छ; उपसर्ग अगाडि।
- व्युत्पादक प्रत्ययले नयाँ शब्द बनाउँछ, रूपायनी प्रत्यय (हरू, ले, लाई) ले रूप मात्र फेर्छ।
- कृत् प्रत्यय धातुमा लाग्छ — नु, न, ने, आइ, एको, एर, अक, अन, तव्य, आलु।
- कृदन्तका चार अर्थभेद: कर्तृवाचक, कर्मवाचक, भाववाचक, करणवाचक।
- तद्धित प्रत्यय नाम–विशेषण–सर्वनाममा लाग्छ — ता, त्व, पन, इलो, इक, ई, वान्, इका।
- आगन्तुक प्रत्यय: दार, खोर, बाज, गिरी, वाला, ची, इस्ट।
- छुट्याउने उपाय — नु-जाँच: आधारमा नु लागे कृत्, नलागे तद्धित।
अभ्यास
प्रत्यय छुट्याई वर्ग तोक्नुहोस् (१ अङ्क)
- लेखाइ [1]
- सुन्दरता [1]
- गायक [1]
- रसिलो [1]
- कर्तव्य [1]
- सामाजिक [1]
- दुकानदार [1]
- बुद्धिमान् [1]
उत्तर
१. लेख् + आइ — आधार धातु, कृत् (भाववाचक)।
२. सुन्दर + ता — आधार विशेषण, तद्धित (भाववाचक)।
३. गा + अक — गाउनु बन्छ, कृत् (कर्तृवाचक)।
४. रस + इलो — आधार नाम, तद्धित (गुणवाचक)।
५. कृ + तव्य — आधार धातु, कृत् (गर्नुपर्ने अर्थ)।
६. समाज + इक — आधार नाम, तद्धित (सम्बन्धवाचक)।
७. दुकान + दार — आगन्तुक तद्धित प्रत्यय।
८. बुद्धि + मान् — आधार नाम, तद्धित (युक्त अर्थ)।
प्रत्यय थपी नयाँ शब्द बनाउनुहोस् (१ अङ्क)
- पढ् (भाववाचक नाम) [1]
- मानव (भाववाचक नाम) [1]
- नेपाल (सम्बन्धवाचक विशेषण) [1]
- दया (स्वभाववाचक विशेषण) [1]
- बालक (स्त्रीवाचक) [1]
- लामो (नापवाचक नाम) [1]
उत्तर
९. पढाइ — -आइ कृत् प्रत्ययले काम जनायो।
१०. मानवता — तत्सम आधारमा तत्सम -ता।
११. नेपाली — -ई ले "नेपालसँग सम्बन्धित" जनायो।
१२. दयालु — -आलु ले स्वभाव जनायो।
१३. बालिका — तत्सम स्त्रीवाचक -इका।
१४. लम्बाइ — तद्धित -आइ; आधारको रूप लामो → लम्ब भयो।
खाली ठाउँ भर्नुहोस् (१ अङ्क)
- धातुमा लाग्ने प्रत्ययलाई ………… भनिन्छ। [1]
- बुढोपन मा ………… प्रत्यय छ। [1]
- घुसखोर को -खोर ………… भाषाबाट आएको प्रत्यय हो। [1]
- कृत् प्रत्यय लागेर बनेको शब्दलाई ………… भनिन्छ। [1]
उत्तर
१५. कृत् प्रत्यय — नाम-विशेषणमा लागे तद्धित हुन्थ्यो।
१६. -पन — नेपाली भाववाचक तद्धित प्रत्यय।
१७. फारसी — -दार, -बाज, -गिरी पनि फारसी नै हुन्।
१८. कृदन्त — तद्धित लागेकोलाई तद्धितान्त भनिन्छ।
छोटो उत्तर दिनुहोस् (३ अङ्क)
- कृत् र तद्धित प्रत्ययबिचको भिन्नता दुई-दुई उदाहरणसहित लेख्नुहोस्। [3]
- कृदन्तका चार अर्थभेद उदाहरणसहित लेख्नुहोस्। [3]
- लेख् धातुबाट पाँच शब्द बनाई प्रत्यय देखाउनुहोस्। [3]
- व्युत्पादक र रूपायनी प्रत्ययको भिन्नता उदाहरणसहित स्पष्ट पार्नुहोस्। [3]
- पढाइ र चौडाइ मा एउटै प्रत्यय हुँदाहुँदै वर्ग फरक किन? [3]
- आगन्तुक प्रत्यय लागेका चार शब्द बनाई स्रोत भाषा लेख्नुहोस्। [3]
- तल दिइएको अनुच्छेदबाट प्रत्यययुक्त चार शब्द टिपी विग्रह गर्नुहोस् — पोखराका विद्यार्थीको पढाइ राम्रो छ। तिनीहरूको लेखनमा सरलता र सामाजिक चेतना देखिन्छ। [3]
- कृत् र तद्धित दुवै प्रत्यय लागेका दुई शब्द देखाई क्रम स्पष्ट पार्नुहोस्। [3]
उत्तर
१९. कृत् धातुमा लाग्छ — पढ् + आइ = पढाइ, लेख् + अक = लेखक। तद्धित नाम–विशेषणमा लाग्छ — सुन्दर + ता = सुन्दरता, रस + इलो = रसिलो। छुट्याउने उपाय नु-जाँच हो।
२०. कर्तृवाचक — लेखक (लेख्ने व्यक्ति); कर्मवाचक — खाने (खाइने कुरा); भाववाचक — लेखाइ (लेख्ने काम); करणवाचक — लेखनी (लेख्ने साधन)।
२१. लेखक (-अक), लेखन (-अन), लेखाइ (-आइ), लेख्ने (-ने), लेखनी (-नी)।
२२. व्युत्पादकले नयाँ शब्द बनाउँछ — लेख् + अक = लेखक, अब यो नयाँ नाम हो। रूपायनीले रूप मात्र फेर्छ — लेखक + हरू = लेखकहरू, शब्द उही रह्यो। शब्दकोशमा लेखक छ, लेखकहरू छैन।
२३. प्रत्ययले होइन, आधारले वर्ग तय गर्छ। पढाइ को आधार पढ् धातु हो (पढ्नु बन्छ) → कृत्। चौडाइ को आधार चौडा विशेषण हो (चौड्नु बन्दैन) → तद्धित।
२४. इमानदार (फारसी), घुसखोर (फारसी), दादागिरी (फारसी), टाइपिस्ट (अङ्ग्रेजी)।
२५. पढाइ = पढ् + आइ (कृत्); लेखन = लेख् + अन (कृत्); सरलता = सरल + ता (तद्धित); सामाजिक = समाज + इक (तद्धित)।
२६. लेखिका = लेख् + अक (कृत्) + इका (तद्धित); दर्शनीय = दृश् + अन (कृत्) + ईय (तद्धित)। क्रम सधैँ कृत् पहिले, तद्धित पछि — किनभने तद्धित नामैमा मात्र लाग्छ, र नाम कृत्ले बनाउँछ।
शुद्ध रूप लेख्नुहोस् (१ अङ्क)
- बुढोता [1]
- ठुलोत्व [1]
- लामोआइ [1]
- गाउअक [1]
उत्तर
२७. बुढोपन — नेपाली आधारमा तत्सम -ता लाग्दैन, -पन लाग्छ।
२८. ठुलोपन — त्यसै गरी तत्सम -त्व नेपाली आधारमा चल्दैन।
२९. लम्बाइ — प्रत्यय लाग्दा लामो को आधार लम्ब हुन्छ।
३०. गायक — गै/गा मा -अक लाग्दा आय् आगम हुन्छ।
थप छोटो उत्तर (३ अङ्क)
- तद्धित प्रत्ययका कुनै चार अर्थभेद उदाहरणसहित लेख्नुहोस्। [3]
- प्रत्यय जोडिँदा आधार शब्दको रूप फेरिने तीन उदाहरण देखाई के फेरियो लेख्नुहोस्। [3]
उत्तर
३१. भाववाचक — सुन्दरता (गुण जनायो); सम्बन्धवाचक — सामाजिक (समाजसँग जोडियो); युक्तवाचक — बुद्धिमान् (बुद्धि भएको); स्त्रीवाचक — लेखिका (स्त्रीलिङ्ग जनायो)।
३२. गाउनु + अक = गायक (ऐ को आय्); लामो + आइ = लम्बाइ (लामो को लम्ब); मिठो + आस = मिठास (ओ लोप भयो)। रूप फेरिए पनि आधार उही मानिन्छ।
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