Unit 27 · लेखन सिप · 25 min read
शब्दभण्डार: पर्यायवाची, विपरीतार्थी, अनेकार्थी, उखान-टुक्का, पारिभाषिक शब्द
What the syllabus asks for 7
- शब्दभण्डार र त्यसका स्रोत
- पर्यायवाची शब्द
- विपरीतार्थी शब्द
- अनेकार्थी शब्द
- उखान
- टुक्का
- पारिभाषिक शब्द
यो अध्याय कुनै एउटा प्रश्नको अध्याय होइन — यो पूरै प्रश्नपत्रभरि फैलिएको अध्याय हो। विशिष्टीकरण तालिकामा शब्दस्रोत र शब्दकोशका २ अङ्क र शब्दनिर्माणका ४ अङ्क छुट्टै छन्, तर यसको प्रयोग त्यतिमै सीमित छैन। पठनबोध (८ अङ्क) मा "यस अनुच्छेदको … शब्दको अर्थ लेख्नुहोस्" सोधिन्छ, पाठगत बोध (८ अङ्क) मा हरेक पाठको शब्दभण्डार अभ्यास आउँछ, र स्वतन्त्र रचना (८ अङ्क) मा उखान-टुक्काको सही प्रयोगले नै उत्तरलाई साधारणबाट राम्रो बनाउँछ। छोटकरीमा — यो अध्याय जति पूरा हुन्छ, प्रश्नपत्रभरि त्यति अङ्क बढ्छ।
यहाँका तालिका पढेर बुझ्ने होइन, दोहोर्याएर कण्ठ पार्ने हुन्। दिनको एक तालिका, हप्तामा एक दोहोर्याइ — यही तरिका काम लाग्छ। परीक्षामा सोधिने रूप तीन प्रकारका हुन्छन्: (१) शब्द दिएर अर्थ/पर्याय/विपरीत माग्ने, (२) उखान वा टुक्का दिएर अर्थ र वाक्यमा प्रयोग माग्ने, र (३) अङ्ग्रेजी पारिभाषिक शब्दको नेपाली रूप माग्ने। तेस्रो प्रकारमा वाक्य प्रयोग नबिर्सनुहोस् — अर्थ मात्र लेखे आधा अङ्क जान्छ।
27.1 शब्दभण्डार र त्यसका स्रोत
कुनै भाषामा प्रयोग हुने सम्पूर्ण शब्दको समष्टिलाई त्यस भाषाको शब्दभण्डार भनिन्छ। नेपाली शब्दभण्डार एउटै स्रोतबाट बनेको होइन; यो शताब्दीयौँको सम्पर्क, व्यापार, शासन र शिक्षाको परिणाम हो।
कुनै भाषामा उपलब्ध सबै शब्दको कुल सङ्ग्रह। स्रोतका आधारमा नेपाली शब्दभण्डारका मुख्य चार वर्ग हुन् — तत्सम, तद्भव, आगन्तुक र अनुकरणात्मक; यीबाहेक नेपालकै भाषाबाट आएका जनजातीय/मौलिक शब्द पनि छन्।
| वर्ग | परिचय | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्सम | संस्कृतबाट जस्ताको तस्तै आएका | जल, अग्नि, सूर्य, विद्या, पुस्तक, मातृ, नेत्र |
| तद्भव | संस्कृतबाट रूप बदलिई आएका | पानी (जल), सूरज (सूर्य), आगो (अग्नि), दूध (दुग्ध), काम (कर्म) |
| आगन्तुक | अन्य भाषाबाट भित्रिएका | कागज, दर्खास्त (अरबी–फारसी); बस, डाक्टर (अङ्ग्रेजी); चिया, लामा (अन्य) |
| अनुकरणात्मक | ध्वनिको नक्कलबाट बनेका | सरर, थचक्क, झ्वाम्म, टक्क, गद्याङगुदुङ |
| जनजातीय/मौलिक | नेपालकै भाषाबाट आएका | ढिँडो, छ्याङ, खुकुरी, थकाली, दिदी, भान्जा |
शब्द संस्कृतमा जुन रूपमा थियो त्यही रूपमा नेपालीमा छ भने तत्सम (जल, नेत्र, हस्त)। रूप फेरिएको छ भने तद्भव (पानी, आँखा, हात)। परीक्षामा जोडी दिएर सोधिन्छ — अग्नि (तत्सम) : आगो (तद्भव)। दुवै एउटै अर्थका भए पनि वर्ग फरक हुन्छ।
27.2 पर्यायवाची शब्द
एउटै अर्थ वा मिल्दोजुल्दो अर्थ दिने शब्दलाई पर्यायवाची (समानार्थी) भनिन्छ। नेपालीमा पर्यायवाचीको भण्डार धेरैजसो संस्कृतबाट आएको छ, त्यसैले कविता र औपचारिक लेखनमा यिनको प्रयोग बढी हुन्छ।
(क) प्रकृति र भूगोलसम्बन्धी
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| आकाश | गगन, नभ, अम्बर, व्योम, आसमान |
| अग्नि | आगो, अनल, पावक, ज्वाला, वह्नि |
| अन्धकार | अँध्यारो, तम, तिमिर, अन्धार |
| जल | पानी, नीर, वारि, तोय, अम्बु, सलिल |
| जङ्गल | वन, अरण्य, कानन, विपिन |
| किरण | रश्मि, मरीचि, अंशु, कर |
| गङ्गा | भागीरथी, जाह्नवी, सुरसरि, देवनदी |
| चन्द्रमा | चन्द्र, शशि, सोम, इन्दु, राकेश, विधु |
| डाँडा | पहाड, गिरि, अचल, नग, शैल |
| दिन | दिवस, वासर, अह, दिवा |
| धर्ती | पृथ्वी, भूमि, वसुधा, धरा, अवनि, मही |
| नदी | सरिता, तटिनी, तरङ्गिणी, निर्झरिणी |
| पर्वत | हिमाल, गिरि, शैल, भूधर, अचल |
| पवन | हावा, वायु, समीर, अनिल, मरुत |
| बादल | मेघ, जलद, पयोद, घन, अम्बुद |
| रात | रात्रि, निशा, यामिनी, रजनी, विभावरी |
| विद्युत् | बिजुली, तडित्, दामिनी, चपला |
| समुद्र | सागर, जलधि, रत्नाकर, उदधि, अर्णव |
| सूर्य | सूरज, भानु, रवि, दिनकर, आदित्य, दिवाकर |
| कमल | पद्म, जलज, पङ्कज, नीरज, सरोज |
| फूल | पुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून |
| सुन | स्वर्ण, कनक, हेम, कञ्चन |
(ख) प्राणीसम्बन्धी
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| गाई | गौ, धेनु, सुरभि |
| घोडा | अश्व, तुरङ्ग, हय, बाजी |
| पक्षी | चरा, खग, विहग, द्विज, पखेरु |
| बाघ | व्याघ्र, शार्दूल, द्वीपी |
| भ्रमर | भँमरा, मधुप, अलि, षट्पद |
| मृग | हरिण, सारङ्ग, कुरङ्ग |
| सिंह | केसरी, मृगेन्द्र, वनराज, हरि |
| सर्प | साँप, नाग, भुजङ्ग, उरग, पन्नग |
| हात्ती | गज, कुञ्जर, द्विरद, मतङ्ग |
(ग) मानव, सम्बन्ध र शरीरसम्बन्धी
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| आँखा | नेत्र, नयन, चक्षु, लोचन, दृग |
| आमा | माता, जननी, मातृ, अम्बा |
| बुबा | पिता, जनक, तात, बाबु |
| पुत्र | छोरा, तनय, आत्मज, सुत, नन्दन |
| पुत्री | छोरी, तनया, आत्मजा, सुता, दुहिता |
| पति | स्वामी, भर्तार, कान्त, लोग्ने |
| पत्नी | स्वास्नी, भार्या, अर्धाङ्गिनी, वधू |
| नारी | स्त्री, महिला, वनिता, तिरिया |
| मनुष्य | मानव, मान्छे, नर, जन |
| मित्र | साथी, सखा, बन्धु, सुहृद् |
| शत्रु | दुश्मन, वैरी, रिपु, अरि |
| बालक | बच्चा, शिशु, अर्भक, केटो |
| वृद्ध | बूढो, जरठ, प्रौढ |
| तरुण | युवा, जवान, नवयुवक |
| गुरु | शिक्षक, आचार्य, उपाध्याय, अध्यापक |
| विद्यार्थी | छात्र, शिष्य, चेला, अध्येता |
| ब्राह्मण | विप्र, द्विज, भूदेव |
| शरीर | देह, तनु, काय, वपु, गात्र |
| मुख | मुहार, आनन, वदन, बदन |
| हात | हस्त, कर, पाणि, भुजा |
| जिब्रो | जिह्वा, रसना, वाणी |
| हाँसो | हास, मुस्कान, स्मित |
(घ) देवता, राज्य र वस्तुसम्बन्धी
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| ईश्वर | भगवान्, प्रभु, परमेश्वर, विधाता |
| देवता | सुर, अमर, निर्जर, देव |
| असुर | दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर |
| इन्द्र | देवराज, सुरपति, पुरन्दर, शचीपति |
| कुबेर | धनपति, यक्षराज, धनद |
| यमराज | धर्मराज, कृतान्त, अन्तक, काल |
| लक्ष्मी | कमला, श्री, रमा, इन्दिरा, पद्मा |
| सरस्वती | वाणी, भारती, शारदा, गिरा |
| अमृत | सुधा, पीयूष, अमिय, सोम |
| राजा | नृप, भूपति, नरेश, महीपति, नरेन्द्र |
| सेना | फौज, वाहिनी, दल, सैन्य |
| युद्ध | लडाइँ, सङ्ग्राम, रण, समर |
| घर | गृह, निवास, आवास, सदन, भवन |
| गाउँ | ग्राम, बस्ती, टोल |
| सहर | नगर, पुर, महानगर |
| बाटो | मार्ग, पथ, सडक, राजमार्ग |
| पुस्तक | किताब, ग्रन्थ, पोथी |
| वस्त्र | कपडा, चीर, अम्बर, पट |
| धन | सम्पत्ति, वित्त, द्रव्य, विभव |
(ङ) भाव र गुणसम्बन्धी
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| सुन्दर | राम्रो, मनोहर, चारु, रमणीय, सुरम्य |
| ज्ञान | विद्या, बोध, जानकारी, प्रज्ञा |
| इच्छा | चाहना, अभिलाषा, आकाङ्क्षा, कामना |
| क्रोध | रिस, कोप, आक्रोश, रोष |
| भय | डर, त्रास, भीति, आतङ्क |
| प्रेम | माया, स्नेह, अनुराग, प्रीति |
| दुःख | पीडा, कष्ट, व्यथा, क्लेश, सन्ताप |
| आनन्द | खुसी, हर्ष, प्रसन्नता, उल्लास |
| कीर्ति | यश, ख्याति, प्रसिद्धि, नाम |
| जीवन | जिन्दगी, आयु, प्राण, जीवितव्य |
| मृत्यु | मरण, निधन, देहावसान, अन्त्य |
(१) सबै पर्याय हरेक ठाउँमा मिल्दैनन्। "जल" को पर्याय "पानी" हो, तर "जलविद्युत्" लाई "पानीविद्युत्" भन्न मिल्दैन। तत्सम शब्दको ठाउँमा तत्सम, तद्भवको ठाउँमा तद्भव राख्नुहोस्। (२) परीक्षामा कम्तीमा तीन पर्याय लेख्नुहोस् — एउटा मात्र लेखे पूरा अङ्क आउँदैन।
27.3 विपरीतार्थी शब्द
कुनै शब्दको उल्टो अर्थ दिने शब्दलाई विपरीतार्थी (विलोम) भनिन्छ। नेपालीमा विपरीतार्थी बनाउने दुई तरिका छन् — (क) छुट्टै शब्द (दिन × रात, जन्म × मृत्यु) र (ख) उपसर्ग जोडेर (सम्भव × असम्भव, आस्तिक × नास्तिक, गति × दुर्गति)।
(क) अ-आ-इ बाट सुरु हुने
| शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|
| अग्रज | अनुज |
| अनुकूल | प्रतिकूल |
| अनुराग | विराग |
| अल्पायु | दीर्घायु |
| अमृत | विष |
| अर्थ | अनर्थ |
| अल्पसङ्ख्यक | बहुसङ्ख्यक |
| अस्त | उदय |
| आदि | अन्त्य |
| आय | व्यय |
| आरोह | अवरोह |
| आकर्षण | विकर्षण |
| आस्तिक | नास्तिक |
| आदान | प्रदान |
| आयात | निर्यात |
| आशा | निराशा |
| आलस्य | परिश्रम |
| इच्छा | अनिच्छा |
| ईर्ष्या | प्रेम |
| उत्कर्ष | अपकर्ष |
| उत्तीर्ण | अनुत्तीर्ण |
| उपकार | अपकार |
| उपस्थित | अनुपस्थित |
| उन्नति | अवनति |
(ख) क-ख-ग-घ-च-ज-त-द बाट सुरु हुने
| शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|
| कटु | मधुर |
| कृतज्ञ | कृतघ्न |
| कृत्रिम | प्राकृतिक |
| क्रय | विक्रय |
| कोमल | कठोर |
| खण्डन | मण्डन |
| गुण | दोष |
| गुप्त | प्रकट |
| घृणा | माया |
| चल | अचल |
| चतुर | मूर्ख |
| जय | पराजय |
| जङ्गम | स्थावर |
| जन्म | मृत्यु |
| ज्ञानी | अज्ञानी |
| तीव्र | मन्द |
| तिमिर | प्रकाश |
| दाता | याचक |
| दिन | रात |
| दुर्लभ | सुलभ |
| देव | दानव |
| दोषी | निर्दोष |
| धनी | गरिब |
| धार्मिक | अधार्मिक |
(ग) न-प-ब-भ-म बाट सुरु हुने
| शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|
| नवीन | प्राचीन |
| निन्दा | प्रशंसा |
| निर्माण | विनाश |
| नैतिक | अनैतिक |
| पक्ष | विपक्ष |
| परतन्त्र | स्वतन्त्र |
| पवित्र | अपवित्र |
| पाप | पुण्य |
| पूर्ण | अपूर्ण |
| प्रत्यक्ष | अप्रत्यक्ष |
| प्रलय | सृष्टि |
| प्राचीन | अर्वाचीन |
| प्रश्न | उत्तर |
| बन्धन | मुक्ति |
| बहिर्मुखी | अन्तर्मुखी |
| बाह्य | आन्तरिक |
| भूत | भविष्य |
| भौतिक | आध्यात्मिक |
| मित्र | शत्रु |
| मुख्य | गौण |
| मौखिक | लिखित |
(घ) य-र-ल-व-श-स-ह बाट सुरु हुने
| शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|
| योग्य | अयोग्य |
| रक्षक | भक्षक |
| राष्ट्रिय | अन्तर्राष्ट्रिय |
| लाभ | हानि |
| लौकिक | अलौकिक |
| वरदान | अभिशाप |
| विकास | विनाश |
| विधवा | सधवा |
| विस्तृत | सङ्क्षिप्त |
| व्यष्टि | समष्टि |
| शीत | उष्ण |
| शुभ | अशुभ |
| श्वेत | श्याम |
| सजीव | निर्जीव |
| सत्य | असत्य |
| सबल | निर्बल |
| सफल | असफल |
| समान | असमान |
| सरल | जटिल |
| सापेक्ष | निरपेक्ष |
| सुगन्ध | दुर्गन्ध |
| सुरक्षित | असुरक्षित |
| स्वदेश | विदेश |
| स्वर्ग | नरक |
| हर्ष | विषाद |
| हिंसा | अहिंसा |
धेरै विद्यार्थी हरेक शब्दको अगाडि अ- जोडेर विपरीतार्थी बनाउन खोज्छन्। कहिलेकाहीँ मिल्छ (सफल × असफल), तर धेरै ठाउँमा मिल्दैन: "आय" को विपरीत "अआय" होइन, "व्यय" हो; "जय" को "अजय" होइन, "पराजय" हो; "गुण" को "अगुण" होइन, "दोष" हो। शब्दको अर्थ सोचेर विपरीत खोज्नुहोस्, अक्षर गनेर होइन।
अ/अन् — सफल × असफल, आदि × अनादि । नि/निर् — सबल × निर्बल, सापेक्ष × निरपेक्ष । दुर्/दुस् — गति × दुर्गति, सुगन्ध × दुर्गन्ध । प्रति/परा — अनुकूल × प्रतिकूल, जय × पराजय । वि/अप — कर्षण मा आ- र वि- (आकर्षण × विकर्षण), कर्ष मा उत्- र अप- (उत्कर्ष × अपकर्ष)।
27.4 अनेकार्थी शब्द
एउटै शब्दले प्रसङ्गअनुसार फरक-फरक अर्थ दिन्छ भने त्यसलाई अनेकार्थी शब्द भनिन्छ। परीक्षामा यस्ता शब्द दिएर "दुई फरक अर्थमा वाक्य बनाउनुहोस्" भनिन्छ — त्यसैले अर्थ मात्र कण्ठ गर्नु पर्याप्त छैन, वाक्य बनाउन आउनुपर्छ।
उत्तर लेख्ने ढाँचा
प्रश्न : 'कर' शब्दलाई दुई फरक अर्थमा वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२] उत्तर : (क) कर = हात — राजाले शिशुको शिरमा आफ्नो कर राखे। (ख) कर = तिरो — हरेक नागरिकले समयमै कर बुझाउनुपर्छ। ध्यान दिनुहोस् — अर्थ कोष्ठमा छुट्टै लेखेर मात्र पूरा अङ्क आउँछ।
| शब्द | अर्थहरू | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| अङ्क | सङ्ख्या; प्राप्ताङ्क; काख; नाटकको भाग | तीन अङ्कको यो नाटकमा नायकले पूरा अङ्क पाएन। |
| अम्बर | आकाश; वस्त्र | साँझको अम्बर रातो भयो; उनले सेतो अम्बर धारण गरिन्। |
| अर्थ | माने; धन; प्रयोजन | यो शब्दको अर्थ नबुझी अर्थ खर्च गर्नु मूर्खता हो। |
| कनक | सुन; धतुरो | कनकको हार लगाएकी उनी कनकको बोट देखेर तर्सिन्। |
| कर | हात; तिरो; किरण | राजाले शिरमा कर राखे र प्रजाको कर मिनाहा गरे। |
| कल | यन्त्र; चैन; आगामी दिन | पानीको कल बिग्रिएपछि मलाई कल भएन। |
| काल | समय; मृत्यु; व्याकरणको काल | कालले नछोडेको कोही छैन; क्रियाको काल चिन्नुहोस्। |
| कुल | वंश; जम्मा | उच्च कुलमा जन्मिए पनि कुल अङ्क कम आयो। |
| गो | गाई; पृथ्वी; इन्द्रिय; वाणी | गोपालकले गोको सेवा गर्छन्। |
| गुरु | शिक्षक; ठूलो/गह्रौँ; बृहस्पति ग्रह | गुरुले दिएको गुरु दायित्व मैले पूरा गरेँ। |
| घन | बादल; हथौडा; ठोस; घनफल | घन गर्जियो र लोहारले घन उठायो। |
| जलज | कमल; माछा; शङ्ख | पोखरीमा जलज फुल्यो र जलज पौडिरहे। |
| जीवन | जिन्दगी; पानी | जीवनबिना जीवन चल्दैन। |
| तात | पिता; प्यारो सम्बोधन; तातो | तातले छोरालाई "तात, यता आऊ" भने। |
| तीर | बाण; किनार | नदीको तीरमा उभिएर उसले तीर हान्यो। |
| द्विज | ब्राह्मण; चरा; दाँत | द्विजले वेद पढे; रूखमा द्विज कराए। |
| धर्म | कर्तव्य; सम्प्रदाय; स्वभाव | सिपाहीको धर्म देश रक्षा हो, धर्म जुनसुकै होस्। |
| नग | पहाड; रूख; रत्न | हिमाली नग चम्कियो; औँठीको नग पनि चम्कियो। |
| नव | नयाँ; नौ (सङ्ख्या) | नव वर्षको नव दिन बित्यो। |
| पक्ष | तर्फ; पन्ध्र दिनको अवधि; पखेटा | शुक्ल पक्षमा उनी हाम्रो पक्षमा उभिए। |
| पत्र | पात; चिठी; पत्रिका | रूखको पत्र झर्यो, हुलाकीले पत्र ल्यायो। |
| पद | ओहदा; खुट्टा; कविताको चरण | उच्च पदमा पुगेर पनि उनले गीतको पद बिर्सेनन्। |
| फल | नतिजा; रूखको फल; धारिलो भाग | मिहिनेतको फल मिठो हुन्छ, आँपको फलजस्तै। |
| बल | शक्ति; सेना; दबाब | सेनाको बल हुँदाहुँदै पनि बल प्रयोग गरिएन। |
| मधु | मह; मदिरा; वसन्त ऋतु | मधुको मिठास मधु ऋतुमा झन् बढ्छ। |
| मान | आदर; परिमाण; रिसाउनु | गुरुको मान राख्नुहोस्, नत्र उहाँले मान गर्नुहुन्छ। |
| राग | सङ्गीतको राग; आसक्ति; रातो रङ | भैरव राग गाउँदागाउँदै उनको राग बढ्यो। |
| रस | स्वाद; काव्यको रस; झोल | उखुको रस मीठो छ, कविताको रस पनि मीठो छ। |
| लय | ताल; विलीन हुनु | गीतको लय मिल्यो र मन त्यसैमा लय भयो। |
| वर्ण | अक्षर; रङ; जात | देवनागरीको वर्ण सिक्दा वर्ण भेदभाव बिर्सनुहोस्। |
| वार | दिन; प्रहार; पालो | आइतवार उसले पहिलो वार गर्यो। |
| सर | तलाउ; बाण; सिर/महोदय | सरमा कमल छ भन्ने कुरा सरले सिकाउनुभयो। |
| सूत | सारथि; धागो; छोरा | सूतले रथ हाँके; आमाले सूत कातिन्। |
| हरि | विष्णु; सिंह; बाँदर; सर्प | हरिको भजन गाउँदै वनको हरि देखेँ। |
| हार | पराजय; माला | एक पटकको हारपछि उनको घाँटीमा विजयको हार लाग्यो। |
27.5 उखान
लोकजीवनको लामो अनुभवबाट निस्किएको, कुनै पूरा कुरा छोटो वाक्यमा भन्ने र वक्ताको आफ्नै रूपमा जस्ताको तस्तै दोहोरिने कथनलाई उखान भनिन्छ। उखान आफैँमा पूरा वाक्य हुन्छ र यसको रूप फेरिँदैन।
उखान पूरा वाक्य हो, स्वतन्त्र रूपमा उभिन सक्छ, र यसमा लोकअनुभवको निचोड वा उपदेश हुन्छ — "हुने बिरुवाको चिल्लो पात।" टुक्का वाक्यांश मात्र हो, आफैँ अधुरो हुन्छ, र वाक्यमा मिलाएर क्रियासहित प्रयोग गर्नुपर्छ — "खुट्टा तान्नु" लाई "उसले मेरो खुट्टा तान्यो" बनाउनुपर्छ।
| उखान | अर्थ |
|---|---|
| आफ्नो आङको भैँसी नदेख्ने, अर्काको आङको जुम्रा देख्ने | आफ्नो ठुलो दोष नदेखी अर्काको सानो दोष खोज्नु |
| हुने बिरुवाको चिल्लो पात | भविष्यमा ठुलो हुने व्यक्तिको लक्षण सानैमा देखिन्छ |
| नाच्न नजान्ने आँगन टेढो | आफ्नो कमजोरी नस्विकारी अरूलाई वा परिस्थितिलाई दोष दिनु |
| एक कान दुई कान मैदान | गोप्य कुरा फैलिँदै जाँदा सबैलाई थाहा हुनु |
| अन्धाको देशमा काना राजा | योग्य नभएको ठाउँमा अलिकति जान्नेले पनि ठुलो ठाउँ पाउनु |
| काग कराउँदै गर्छ, पिना सुक्दै गर्छ | अरूले जे भने पनि आफ्नो काम रोकिँदैन |
| पानीमाथिको ओभानो | कुनै दोष नभएजस्तो बनी उम्कन खोज्नु |
| नौ नगद कि तेह्र उधारो | धेरै पछि पाइने भन्दा थोरै भए पनि तुरुन्तै पाइने राम्रो |
| कुकुरको पुच्छर ढुङ्ग्रोमा राखे पनि बाङ्गाको बाङ्गै | नराम्रो स्वभाव जति उपाय गरे पनि सुध्रिँदैन |
| बाह्र वर्षमा खोलो पनि फर्कन्छ | समय सधैँ एकनास रहँदैन, अवस्था बदलिन्छ |
| चोरलाई चौतारो, साधुलाई सुली | अन्याय हुँदा दोषीले सुविधा र निर्दोषले सजाय पाउनु |
| एक थुकी सुकी, सय थुकी नदी | एक्लै थोरै हुने कुरा सबै मिले धेरै हुन्छ |
| रात रहे अग्राख पलाउँछ | समय बित्दै जाँदा नयाँ अवरोध वा नयाँ कुरा थपिन सक्छ |
| कागलाई बेल पाक्यो हर्ष न विस्मात् | काम नलाग्ने कुराले खुसी पनि दुःख पनि दिँदैन |
| अगुल्टाले हानेको कुकुर बिजुली चम्कँदा तर्सन्छ | एक पटक ठुलो चोट खाएको मानिस सानो सङ्केतमै डराउँछ |
| अचानोको पीर खुकुरीलाई थाहा हुँदैन | पीडा भोग्नेको दुःख नभोग्नेले बुझ्दैन |
| आकाशको फल आँखा तरी मर | नपाइने कुराको लालच गर्नु व्यर्थ हुन्छ |
| घाँटी हेरी हाड निल्नु | आफ्नो क्षमता हेरेर मात्र काम थाल्नु |
| बोल्नेको पिठो बिक्छ, नबोल्नेको चामल पनि बिक्दैन | आफ्नो कुरा राख्न सक्नेले नै अवसर पाउँछ |
| आँप खानु कि रुख गन्नु | मुख्य प्रयोजनमा ध्यान दिनुपर्छ, बेकारको हिसाबमा होइन |
| बाँदरको हातमा नरिवल | अयोग्यको हातमा बहुमूल्य वस्तु पर्नु |
| हात्ती आयो हात्ती आयो फुस्सा | ठुलो हल्ला भएको कुरा केही पनि नहुनु |
| जस्तो देश उस्तै भेष | ठाउँअनुसार आफूलाई ढाल्नुपर्छ |
| दैव पनि बलियाको पक्षमा | शक्तिशालीलाई परिस्थितिले पनि साथ दिन्छ |
| नदी किनारको रुख | जुनसुकै बेला नष्ट हुन सक्ने अनिश्चित अवस्था |
| आफू भलो त जगत् भलो | आफ्नो मन सफा भए संसार पनि राम्रो देखिन्छ |
| जसको शक्ति, उसैको भक्ति | शक्तिशाली हुनेलाई नै सबैले मान्छन् |
| एउटै हातले ताली बज्दैन | झगडा वा काम दुवैतिरको सहभागिताबिना हुँदैन |
| हात्ती छिर्यो, पुच्छर अड्कियो | ठुलो काम सकिएर सानो कुरामा अड्किनु |
| अति भएपछि खति हुन्छ | कुनै पनि कुरा हदभन्दा बढी भएपछि हानि गर्छ |
| हतारको काम, लतारको फल | हतार गरेर गरेको कामको नतिजा राम्रो हुँदैन |
| चिन्ता चिता समान | चिन्ताले मानिसलाई बिस्तारै नष्ट गर्छ |
| जोगी भएपछि सहर कुदाइ किन | जिम्मेवारी लिएपछि त्यसैमा स्थिर हुनुपर्छ |
| जुन जोगी आए पनि कानै चिरेका | नेतृत्व फेरिए पनि अवस्था उस्तै रहनु |
| दुई डुङ्गामा खुट्टा | दुवैतिर बराबर लागेर कतै पनि नपुग्नु |
| बिरालोको घाँटीमा घन्टी कसले बाँध्ने | कठिन र जोखिमपूर्ण काम गर्न कोही अगाडि नसर्नु |
| डुब्नेलाई कुँडोको सहारा | सङ्कटमा परेकाले सानो सहारालाई पनि ठुलो ठान्छ |
| बाघको मुखमा परेको मृग | उम्कनै नसक्ने सङ्कटमा पर्नु |
| मन लागे महादेव, नलागे धोबीघाट | मन लागे जे पनि राम्रो, नलागे जे पनि नराम्रो |
| सानो मुखले ठुलो कुरा | आफ्नो हैसियतभन्दा माथिको कुरा गर्नु |
| हिमाल हेरेर आँसु झार्नु | आफूले केही गर्न नसकी निरीह भई बस्नु |
27.6 टुक्का
शब्दको सामान्य अर्थभन्दा फरक, लाक्षणिक अर्थ दिने वाक्यांशलाई टुक्का (मुहावरा) भनिन्छ। टुक्का आफैँमा अपूर्ण हुन्छ; कर्ता, काल र आदरका अनुसार क्रिया फेरेर वाक्यमा मिलाउनुपर्छ।
प्रश्नले "अर्थ खुल्ने गरी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्" भन्छ। धेरै विद्यार्थी टुक्कालाई जस्ताको तस्तै वाक्यमा घुसाउँछन् — "उसले खुट्टा तान्नु गर्यो" — यो गलत हो। क्रियालाई वाक्यअनुसार फेर्नुहोस् : "उसले मेरो खुट्टा तान्यो।" अझ राम्रो हुन्छ, वाक्यको प्रसङ्गले नै टुक्काको अर्थ झल्काओस्।
| टुक्का | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| आँखा चिम्लनु | मर्नु; जानाजान वास्ता नगर्नु | हजुरबुबाले ९० वर्षको उमेरमा आँखा चिम्लनुभयो। |
| आँखाको तारो हुनु | सबैभन्दा प्यारो हुनु | जेठी छोरी बुबाको आँखाको तारो थिइन्। |
| आँखा देखाउनु | धम्क्याउनु | सानालाई आँखा देखाएर काम गराउने बानी राम्रो होइन। |
| आकाश खस्नु | अचानक ठुलो विपत् आइपर्नु | नतिजा सुन्नेबित्तिकै उसको टाउकोमा आकाश खस्यो। |
| उँधोमुन्टो लाग्नु | लज्जित हुनु | चोरी पक्राउ परेपछि ऊ उँधोमुन्टो लाग्यो। |
| कन्जुस्याइँ गर्नु | अनावश्यक कञ्जुसी देखाउनु | औषधि किन्नमा समेत उसले कन्जुस्याइँ गर्यो। |
| कान भर्नु | कसैविरुद्ध चुक्ली लगाउनु | छिमेकीले हाकिमको कान भरे। |
| कान खाइदिनु | बढी बोलेर दिक्क बनाउनु | दिनभरिको गनगनले उसले मेरो कान खाइदियो। |
| कम्मर कस्नु | दृढ सङ्कल्पसाथ तयार हुनु | परीक्षा नजिकिएपछि सबै विद्यार्थी कम्मर कसे। |
| कुम थाप्नु | जिम्मेवारी लिनु | दाजुको मृत्युपछि उसले घरको भार कुम थाप्यो। |
| खुट्टा तान्नु | अगाडि बढ्न नदिनु, अवरोध गर्नु | नेपालीहरू एकअर्काको खुट्टा तान्न छाड्नुपर्छ। |
| खोपीको देउता हुनु | नाम मात्रको, अधिकारविहीन हुनु | अधिकार नदिए अध्यक्ष खोपीको देउता बन्छन्। |
| गम खानु | विचार गर्नु, सोच्नु | प्रस्ताव सुनेर उनले लामो गम खाए। |
| गाँठो पर्नु | समस्या वा मनमुटाव उत्पन्न हुनु | सानो कुरामा दुई साथीबिच गाँठो पर्यो। |
| घिउ चामल हुनु | अत्यन्त मिलेर बस्नु | विवाहपछि ती दुई घिउ चामल भए। |
| घाँटी रेट्नु | ठुलो अन्याय गर्नु, ठग्नु | बिचौलियाले किसानको घाँटी रेटे। |
| चट्याङ पर्नु | अप्रत्याशित दुर्घटना हुनु | खबर सुन्नेबित्तिकै परिवारमा चट्याङ पर्यो। |
| छक्का पञ्जा हुनु | अति चलाख र धूर्त हुनु | त्यो मान्छे व्यापारमा छक्का पञ्जा छ। |
| जिब्रो टोक्नु | गल्ती भएको महसुस गरी पछुताउनु | गुरुकै अगाडि गाली गरेपछि उसले जिब्रो टोक्यो। |
| जुँगामा ताउ लगाउनु | घमण्ड देखाउनु | जित्नेबित्तिकै उसले जुँगामा ताउ लगायो। |
| टाउको दुखाइ हुनु | झन्झटको विषय बन्नु | फोहोर व्यवस्थापन नगरपालिकाको टाउको दुखाइ भएको छ। |
| ठिक पार्नु | सजाय दिनु, सिधा बनाउनु | बदमासी गरे प्रहरीले ठिक पार्छ। |
| डाँको छोड्नु | ठुलो स्वरले रुनु | आमाको सम्झना आएर बच्चाले डाँको छोड्यो। |
| ढाड सेक्नु | अत्यधिक शोषण गर्नु | ब्याजले किसानको ढाड सेक्यो। |
| ताउरमाउर गर्नु | अस्तव्यस्त र हतारिँदै गर्नु | समय घर्केपछि ऊ ताउरमाउर गर्न थाल्यो। |
| दाँत देखाउनु | निरीह भई हाँस्नु, गिड्गिडाउनु | पक्राउ परेपछि उसले दाँत देखायो। |
| दाल गल्नु | चाल वा योजना सफल हुनु | इमानदार हाकिमसँग उसको दाल गलेन। |
| धुलो चटाउनु | बुरी तरहले हराउनु | फाइनलमा हाम्रो टोलीले प्रतिद्वन्द्वीलाई धुलो चटायो। |
| नाक काटिनु | इज्जत जानु | छोराको व्यवहारले बुबाको नाक काटियो। |
| नाक राख्नु | इज्जत जोगाउनु | उसले जिल्लाकै नाक राख्यो। |
| नुन खाएको सम्झनु | उपकार सम्झेर वफादार हुनु | नुन खाएको सम्झेर उसले साथीलाई धोका दिएन। |
| पानी पानी हुनु | अत्यन्त लज्जित हुनु | झूट पक्राउ परेपछि ऊ पानी पानी भयो। |
| पानी माथिको ओभानो हुनु | दोषी भएर पनि निर्दोष देखिन खोज्नु | सबै थाहा हुँदाहुँदै ऊ पानी माथिको ओभानो बन्न खोज्यो। |
| पेट पाल्नु | जीविका चलाउनु | ज्याला मजदुरी गरेर उसले पेट पाल्यो। |
| बाल नदिनु | वास्ता नगर्नु | जति सम्झाए पनि उसले बाल दिएन। |
| मुख छोप्नु | लाजले अनुहार लुकाउनु | प्रश्न सोध्नेबित्तिकै उसले मुख छोप्यो। |
| मुख बिगार्नु | नराम्रो बोल्नु | सभामा मुख बिगार्नु शोभनीय होइन। |
| मन खिन्न हुनु | उदास हुनु | साथीको बिदाइले सबैको मन खिन्न भयो। |
| रगत पसिना एक गर्नु | अथक परिश्रम गर्नु | बुबाआमाले रगत पसिना एक गरेर पढाए। |
| रुखो हुनु | निष्ठुर र कठोर व्यवहार देखाउनु | दुःखमा परेकासँग रुखो नबन्नुहोस्। |
| लात खानु | अपमानित हुनु | बारम्बार लात खाएर पनि उसले इमान छाडेन। |
| हात धुनु | गुमाउनु | ढिलो गर्दा उसले अवसरबाट हात धुनुपर्यो। |
| हात हाल्नु | कुनै काममा संलग्न हुनु; कुट्न थाल्नु | नजानेको कुरामा हात हाल्नु हुँदैन। |
| हात्ती मार्नु | ठुलो काम फत्ते गर्नु | एउटा परीक्षा पास गरेर हात्ती मारेँ नठान्नू। |
| हुर्मत लिनु | बेइज्जत गर्नु | सार्वजनिक ठाउँमा कसैको हुर्मत लिनु हुँदैन। |
27.7 पारिभाषिक शब्द
कुनै निश्चित विषय वा पेसाभित्र एउटै निश्चित अर्थ दिने गरी तय गरिएको शब्दलाई पारिभाषिक शब्द (प्राविधिक शब्द) भनिन्छ। सामान्य शब्दको अर्थ प्रसङ्गअनुसार फेरिन सक्छ, तर पारिभाषिक शब्दको अर्थ त्यस विषयभित्र फेरिँदैन — यही यसको विशेषता हो।
(१) एकार्थकता — एउटा विषयभित्र एउटै अर्थ (कानुनमा "वादी" भनेको मुद्दा हाल्ने पक्ष मात्र हो)। (२) विषयबद्धता — त्यही विषयमा मात्र त्यो अर्थ लाग्छ ("वंशाणु" जीवविज्ञानको मात्र शब्द हो)। (३) निश्चितता — अनुवाद वा प्रयोग गर्दा मनपरी पर्याय राख्न मिल्दैन।
(क) प्रशासनसम्बन्धी
| पारिभाषिक शब्द | अर्थ |
|---|---|
| निजामती सेवा | सरकारी प्रशासन चलाउने स्थायी कर्मचारी सेवा |
| दरबन्दी | कुनै कार्यालयमा स्वीकृत भएको पदको निश्चित सङ्ख्या |
| अख्तियार | कानुनले दिएको अधिकार वा जिम्मेवारी |
| तोक आदेश | माथिल्लो अधिकारीले कागजमै लेखेर दिने निर्देशन |
| चलानी | कार्यालयबाट बाहिर पठाइने पत्रको दर्ता र क्रम |
| दर्ता | कार्यालयमा भित्रिएको पत्र अभिलेखमा चढाउने काम |
| बोधार्थ | जानकारीका लागि पत्रको प्रति पठाइने व्यवस्था |
| जवाफदेहिता | गरेको कामको उत्तर दिनुपर्ने दायित्व |
| पारदर्शिता | निर्णय र कामकारबाही सबैले देख्न सक्ने खुला अवस्था |
| सुशासन | न्यायपूर्ण, पारदर्शी र जनमुखी शासन व्यवस्था |
| सङ्गठन संरचना | कार्यालयभित्रको पद र तहको व्यवस्थित ढाँचा |
| वृत्ति विकास | कर्मचारीको तालिम, बढुवा र क्षमता विकासको प्रक्रिया |
| बजेट | आय र व्ययको पूर्वअनुमानित वार्षिक विवरण |
| लेखा परीक्षण | आर्थिक कारोबार नियमसम्मत भए-नभएको जाँच |
| सार्वजनिक खरिद | सरकारी निकायले नियमअनुसार वस्तु वा सेवा किन्ने प्रक्रिया |
| परिपत्र | सबै मातहत कार्यालयलाई एकैसाथ पठाइने निर्देशनात्मक पत्र |
| निवृत्तिभरण | सेवाबाट अवकाश पाएपछि पाइने मासिक रकम |
(ख) विज्ञान र प्रविधिसम्बन्धी
| पारिभाषिक शब्द | अर्थ |
|---|---|
| गुरुत्वाकर्षण | पिण्डहरूले एकअर्कालाई तान्ने प्राकृतिक बल |
| त्वरण | एकाइ समयमा हुने वेगको परिवर्तन |
| जडत्व | वस्तुले आफ्नो अवस्था कायम राख्न खोज्ने गुण |
| ऊर्जा | काम गर्न सक्ने क्षमता |
| कोशिका | जीवको सबैभन्दा सानो संरचनात्मक र कार्यात्मक एकाइ |
| प्रकाश संश्लेषण | हरियो बिरुवाले प्रकाशको सहायताले भोजन बनाउने प्रक्रिया |
| वंशाणु | सन्तानमा गुण सर्ने वंशानुगत एकाइ |
| पारिस्थितिक प्रणाली | जीव र वातावरणबिचको अन्तरसम्बन्धित प्रणाली |
| जैविक विविधता | कुनै क्षेत्रमा पाइने जीवजन्तु र वनस्पतिको विविधता |
| आवर्त सारिणी | तत्त्वहरूलाई परमाणु क्रमाङ्कअनुसार मिलाइएको तालिका |
| यौगिक | दुई वा बढी तत्त्व निश्चित अनुपातमा मिली बनेको पदार्थ |
| उत्प्रेरक | आफू नबदलिई रासायनिक क्रियाको गति बढाउने पदार्थ |
| विद्युत् प्रवाह | चालकमा हुने आवेशको बहाव |
| नवीकरणीय ऊर्जा | पुनः प्राप्त हुने स्रोतबाट निस्कने ऊर्जा (जलविद्युत्, सौर्य) |
| सूचना प्रविधि | सूचना सङ्कलन, प्रशोधन र सम्प्रेषणको प्रविधि |
| कृत्रिम बौद्धिकता | मानिसजस्तै सोच्ने र निर्णय गर्ने कम्प्युटर प्रणाली |
| तथ्याङ्क | विश्लेषणका लागि सङ्कलित सङ्ख्यात्मक विवरण |
(ग) कानुन र न्यायसम्बन्धी
| पारिभाषिक शब्द | अर्थ |
|---|---|
| संविधान | राज्य सञ्चालनको मूल कानुन |
| ऐन | संसद्ले पारित गरी लागु हुने कानुन |
| नियमावली | ऐन कार्यान्वयनका लागि बनाइने विस्तृत व्यवस्था |
| अध्यादेश | संसद् अधिवेशन नभएका बेला जारी हुने अस्थायी कानुन |
| वादी | मुद्दा दायर गर्ने पक्ष |
| प्रतिवादी | जसका विरुद्ध मुद्दा दायर गरिएको हो, त्यो पक्ष |
| फिराद पत्र | अदालतमा मुद्दा दर्ता गर्दा दिइने लिखित निवेदन |
| जाहेरी | अपराधको सूचना दिँदै प्रहरीमा दिइने लिखित उजुरी |
| प्रतिवेदन (अनुसन्धान) | अनुसन्धानपछि प्रहरीले अदालतमा पेस गर्ने विवरण |
| बयान | अदालत वा अनुसन्धान अधिकारीसामु दिइने कथन |
| साक्षी | घटना देखेको वा जानेको व्यक्ति, जसको भनाइ प्रमाण हुन्छ |
| धरौटी | थुनामा नराखी छाड्न लिइने जमानत रकम |
| पुनरावेदन | तल्लो अदालतको फैसलाविरुद्ध माथिल्लो अदालतमा गरिने निवेदन |
| फैसला | अदालतले मुद्दामा गर्ने अन्तिम निर्णय |
| कैद | अदालतले तोकेको स्वतन्त्रता हरणको सजाय |
| सर्वोच्च अदालत | नेपालको सबैभन्दा माथिल्लो अदालत |
| मौलिक हक | संविधानले नागरिकलाई दिएको आधारभूत अधिकार |
(घ) शिक्षासम्बन्धी
| पारिभाषिक शब्द | अर्थ |
|---|---|
| पाठ्यक्रम | कुनै तह वा विषयमा पढाइने विषयवस्तुको आधिकारिक रूपरेखा |
| पाठ्यभार | कुनै विषय वा एकाइलाई छुट्याइएको समय/घण्टा |
| शैक्षिक सत्र | विद्यालय वा क्याम्पसको एक वर्षको पढाइ अवधि |
| लब्धाङ्क | परीक्षामा प्राप्त गरेको अङ्क |
| श्रेणी विभाजन | प्राप्ताङ्कका आधारमा गरिने स्तर निर्धारण |
| ग्रेडिङ | अक्षर वा बिन्दुका आधारमा उपलब्धि जनाउने प्रणाली |
| निरन्तर मूल्याङ्कन | वर्षभरि नियमित रूपमा गरिने आन्तरिक मूल्याङ्कन |
| विशिष्टीकरण तालिका | कुन क्षेत्रबाट कति अङ्कको प्रश्न सोधिने भन्ने आधिकारिक तालिका |
| सिकाइ उपलब्धि | विद्यार्थीले कक्षा सकिँदा हासिल गर्नुपर्ने निश्चित क्षमता |
| सहशैक्षिक क्रियाकलाप | पढाइबाहेकका खेलकुद, कला र वादविवादजस्ता क्रियाकलाप |
| दूर शिक्षा | विद्यार्थी र शिक्षक भौतिक रूपमा नभेटी हुने शिक्षा |
| प्राविधिक शिक्षा | सिपमूलक र रोजगारमुखी व्यावसायिक शिक्षा |
| छात्रवृत्ति | पढाइ खर्चका लागि दिइने आर्थिक सहयोग |
| शैक्षिक गुणस्तर | शिक्षाको स्तर मापन गर्ने मापदण्ड र अवस्था |
(ङ) स्वास्थ्यसम्बन्धी
| पारिभाषिक शब्द | अर्थ |
|---|---|
| रोग निदान | लक्षण र परीक्षणका आधारमा रोग पहिचान गर्ने काम |
| लक्षण | रोगका कारण बिरामीमा देखिने चिन्ह |
| सङ्क्रमण | कीटाणु शरीरमा प्रवेश गरी रोग फैलिने अवस्था |
| महामारी | छोटो समयमा ठुलो क्षेत्रमा फैलिने रोग |
| विश्वमारी | विश्वभरि फैलिएको महामारी |
| खोप | रोगविरुद्ध प्रतिरोध क्षमता बढाउन दिइने औषधि |
| रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता | शरीरले रोगसँग लड्न सक्ने शक्ति |
| एकान्तबास | सङ्क्रमितलाई छुट्टै राख्ने व्यवस्था |
| क्वारेन्टाइन | सङ्क्रमणको शङ्का भएकालाई निश्चित समय अलग्गै राख्ने व्यवस्था |
| शल्यक्रिया | चिरफार गरी गरिने उपचार |
| कुपोषण | आवश्यक पोषक तत्त्वको कमीले हुने स्वास्थ्य समस्या |
| जनस्वास्थ्य | समुदायको समग्र स्वास्थ्यसँग सम्बन्धित क्षेत्र |
| प्राथमिक उपचार | अस्पताल पुग्नुअघि तत्काल गरिने सुरुको उपचार |
| मानसिक स्वास्थ्य | भावनात्मक र मनोवैज्ञानिक रूपमा स्वस्थ रहने अवस्था |
| प्रजनन स्वास्थ्य | प्रजनन प्रणालीसँग सम्बन्धित स्वास्थ्यको अवस्था |
(१) अङ्ग्रेजी शब्द दिएर नेपाली रूप — जवाफदेहिता = कामको उत्तर दिनुपर्ने दायित्व। (२) नेपाली शब्द दिएर अर्थ खुलाउन — "दरबन्दी" भनेको के हो? (३) वाक्यमा प्रयोग — "कार्यालयको दरबन्दीअनुसार तीन जना कर्मचारी आवश्यक छन्।" तेस्रो ढाँचामा वाक्यले शब्दको अर्थ पनि झल्काउनुपर्छ।
एकाइको सारांश
शब्दभण्डार = भाषामा उपलब्ध सबै शब्दको समष्टि; स्रोतका आधारमा तत्सम, तद्भव, आगन्तुक, अनुकरणात्मक र जनजातीय/मौलिक।
पर्यायवाची = एउटै अर्थ दिने शब्द (आकाश — गगन, नभ, अम्बर)। परीक्षामा कम्तीमा तीन पर्याय लेख्नुहोस्; तत्समको ठाउँमा तत्सम राख्नुहोस्।
विपरीतार्थी = उल्टो अर्थ दिने शब्द। दुई तरिका — छुट्टै शब्द (जय × पराजय) र उपसर्ग (सफल × असफल)। हरेकमा अ- जोडेर पुग्दैन।
अनेकार्थी = एउटै शब्दका धेरै अर्थ (कर = हात/तिरो/किरण)। उत्तरमा अर्थ कोष्ठमा छुट्याएर दुईवटा छुट्टै वाक्य बनाउनुहोस्।
उखान = पूरा वाक्य, स्वतन्त्र, रूप नफेरिने, लोकअनुभवको निचोड। टुक्का = वाक्यांश, लाक्षणिक, क्रिया जोडेर वाक्यमा ढाल्नुपर्ने। परीक्षामा यी दुईको भिन्नता प्रायः सोधिन्छ।
पारिभाषिक शब्द = निश्चित विषयभित्र निश्चित अर्थ दिने शब्द; लक्षण — एकार्थकता, विषयबद्धता, निश्चितता।
पर्यायवाची → विपरीतार्थी → अनेकार्थी → उखान → टुक्का → पारिभाषिक। यही क्रममा दोहोर्याउनुहोस्; परीक्षामा पनि प्रायः यही क्रममा सोधिन्छ।
अभ्यास प्रश्न
१. तलका शब्दका तीन-तीन ओटा पर्यायवाची लेख्नुहोस् : सूर्य, नदी, घर, आँखा [२]
उत्तर : सूर्य — सूरज, भानु, रवि, दिनकर। नदी — सरिता, तटिनी, तरङ्गिणी। घर — गृह, निवास, सदन, भवन। आँखा — नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु।
२. तलका शब्दका विपरीतार्थी लेख्नुहोस् : आय, कृतज्ञ, उत्कर्ष, जङ्गम, सापेक्ष [२]
उत्तर : आय × व्यय; कृतज्ञ × कृतघ्न; उत्कर्ष × अपकर्ष; जङ्गम × स्थावर; सापेक्ष × निरपेक्ष।
३. 'पत्र' र 'फल' शब्दलाई दुई-दुई फरक अर्थमा वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
उत्तर : पत्र (क) पात — हिउँदमा रूखका पत्र झर्छन्। (ख) चिठी — हुलाकीले मेरो नाममा आएको पत्र ल्याइदिए। फल (क) रूखको फल — बगैँचाको आँपको फल पाकिसक्यो। (ख) नतिजा — मिहिनेतको फल ढिलो भए पनि मीठो हुन्छ।
४. उखान र टुक्काबिचको भिन्नता चार बुँदामा लेख्नुहोस्। [४]
उत्तर : (क) रूप — उखान पूरा वाक्य हुन्छ ("नाच्न नजान्ने आँगन टेढो"), टुक्का वाक्यांश मात्र हुन्छ ("खुट्टा तान्नु")। (ख) स्वतन्त्रता — उखान आफैँ उभिन सक्छ; टुक्का क्रिया जोडेर वाक्यमा नमिलाई अपूर्ण रहन्छ। (ग) परिवर्तनशीलता — उखानको रूप जस्ताको तस्तै रहन्छ; टुक्काको क्रिया कर्ता, काल र आदरअनुसार फेरिन्छ (खुट्टा तान्यो / तान्नुभयो / तान्नेछ)। (घ) प्रयोजन — उखानले लोकअनुभवको निचोड वा उपदेश दिन्छ; टुक्काले कुनै भाव वा क्रियालाई लाक्षणिक र प्रभावकारी बनाउँछ।
५. तलका टुक्काको अर्थ लेखी अर्थ खुल्ने गरी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस् : (क) कान भर्नु (ख) कम्मर कस्नु (ग) आँखाको तारो हुनु (घ) धुलो चटाउनु [४]
उत्तर : (क) कान भर्नु = कसैविरुद्ध चुक्ली लगाउनु। — ईर्ष्यालु सहकर्मीले हाकिमको कान भरेपछि उसको बढुवा रोकियो। (ख) कम्मर कस्नु = दृढ सङ्कल्पसाथ तयार हुनु। — परीक्षा एक महिना मात्र बाँकी रहेपछि सबै विद्यार्थी पढाइमा कम्मर कसे। (ग) आँखाको तारो हुनु = सबैभन्दा प्यारो हुनु। — पढाइमा अब्बल भएकाले ऊ शिक्षकहरूको आँखाको तारो थियो। (घ) धुलो चटाउनु = बुरी तरहले हराउनु। — फाइनल खेलमा हाम्रो टोलीले प्रतिद्वन्द्वीलाई धुलो चटायो।
६. तलका उखानको अर्थ खुलाउनुहोस् : (क) हुने बिरुवाको चिल्लो पात (ख) चोरलाई चौतारो, साधुलाई सुली (ग) अचानोको पीर खुकुरीलाई थाहा हुँदैन (घ) एक थुकी सुकी, सय थुकी नदी [४]
उत्तर : (क) भविष्यमा ठुलो र सफल हुने व्यक्तिका लक्षण सानै उमेरदेखि देखिन थाल्छन्। (ख) समाजमा अन्याय हुँदा दोषीले सुविधा र सम्मान पाउँछ भने निर्दोषले दुःख र सजाय भोग्नुपर्छ। (ग) दुःख भोग्नेको पीडा त्यो नभोग्नेले बुझ्न सक्दैन। (घ) एक्लै गर्दा नगण्य देखिने योगदान सबै मिलेर गर्दा ठुलो शक्ति बन्छ।
७. पारिभाषिक शब्द भनेको के हो? यसका तीन लक्षण उदाहरणसहित लेख्नुहोस्। [४]
उत्तर : कुनै निश्चित विषय, पेसा वा शास्त्रभित्र एउटै निश्चित अर्थ दिने गरी तय गरिएको शब्दलाई पारिभाषिक शब्द भनिन्छ। यसका लक्षण : (क) एकार्थकता — त्यस विषयभित्र त्यसको एउटै अर्थ हुन्छ; जस्तै कानुनमा "प्रतिवादी" भनेको जसका विरुद्ध मुद्दा दायर गरिएको छ, त्यही पक्ष मात्र हो। (ख) विषयबद्धता — शब्द आफ्नो विषयक्षेत्रसँग बाँधिएको हुन्छ; "वंशाणु" जीवविज्ञानको, "दरबन्दी" प्रशासनको र "धरौटी" कानुनको शब्द हो। (ग) निश्चितता — मनपरी पर्याय राखेर फेर्न मिल्दैन; "निवृत्तिभरण" को ठाउँमा "बुढेसकालको पैसा" लेख्न मिल्दैन।
८. तलका पारिभाषिक शब्दको अर्थ लेख्नुहोस् : जवाफदेहिता, पारिस्थितिक प्रणाली, संविधान, पाठ्यक्रम, खोप, लेखा परीक्षण [३]
उत्तर : जवाफदेहिता — गरेको कामको उत्तर दिनुपर्ने दायित्व; पारिस्थितिक प्रणाली — जीव र वातावरणबिचको अन्तरसम्बन्धित व्यवस्था; संविधान — देश सञ्चालनको मूल कानुन; पाठ्यक्रम — पठनपाठनको योजनाबद्ध खाका; खोप — रोगविरुद्ध प्रतिरक्षा दिने औषधि; लेखा परीक्षण — आर्थिक कारोबार नियमसम्मत भए-नभएको जाँच।
९. तत्सम र तद्भव शब्दबिचको भिन्नता उदाहरणसहित छोटकरीमा लेख्नुहोस्। [२]
उत्तर : संस्कृतबाट कुनै परिवर्तनबिना जस्ताको तस्तै नेपालीमा आएका शब्द तत्सम हुन् — जल, अग्नि, हस्त, नेत्र, दुग्ध। संस्कृतबाटै आए पनि उच्चारणका क्रममा रूप बदलिएर आएका शब्द तद्भव हुन् — पानी (< जल होइन, पानीय), आगो (< अग्नि), हात (< हस्त), आँखा (< अक्षि), दूध (< दुग्ध)। अर्थ उही भए पनि स्रोत-रूपको फरकले वर्ग छुट्टिन्छ।
१०. तलको अनुच्छेद पढी दिइएका शब्दका पर्यायवाची लेख्नुहोस्। [३]
साँझपख पर्वतको टुप्पोमा सूर्य अस्ताउँदै थियो। आकाशमा रातो बादल छरिएको थियो र तल नदी सुस्तरी बगिरहेकी थिइन्। त्यही दृश्य हेर्दै एउटा चरा गुँडतिर फर्कियो।
उत्तर : पर्वत — हिमाल, गिरि, शैल, अचल। सूर्य — रवि, भानु, दिनकर, आदित्य। आकाश — गगन, नभ, अम्बर, व्योम। बादल — मेघ, जलद, घन, अम्बुद। नदी — सरिता, तटिनी, तरङ्गिणी। चरा — पक्षी, खग, विहग, पखेरु।
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