Unit 28 · लेखन सिप · 27 min read
शब्दभण्डार: पर्यायवाची, विपरीतार्थी, अनेकार्थी, उखान-टुक्का, पारिभाषिक शब्द
What the syllabus asks for 11
- शब्दभण्डार र यसका प्रकार
- पर्यायवाची शब्द
- विपरीतार्थी शब्द
- अनेकार्थी शब्द
- श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द
- समूहवाचक र लघुतावाचक शब्द
- प्रतीकात्मक शब्द
- अनुकरणात्मक शब्द
- उखान
- टुक्का
- पारिभाषिक शब्द
यो एकाइ कुनै एउटा प्रश्नको मात्र होइन, सम्पूर्ण प्रश्नपत्रको आधार हो। पाठगत बोधमा शब्दार्थ, पर्यायवाची, विपरीतार्थी र टुक्का-उखान सोधिन्छन्; पठनबोधमा शब्दको अर्थ पहिल्याउनुपर्छ; स्वतन्त्र रचना र प्रतिक्रिया लेखनमा उखान-टुक्का र पारिभाषिक शब्दले उत्तरलाई चुस्त र प्रभावकारी बनाउँछन्। कक्षा १२ को पाठ्यपुस्तकका प्रत्येक पाठपछि शब्दभण्डार खण्ड छ, जसमा जोडा मिलाउने, अर्थ दिने शब्द खोज्ने, पर्यायवाची, विपरीतार्थी, टुक्का, उखान र पारिभाषिक शब्द सोधिन्छन्। यस एकाइमा ती सबैलाई प्रकारअनुसार सङ्गठित गरेर, सबै पाठका शब्दसँग जोडेर दिइएको छ।
तालिका पढेर मात्र बुझिँदैन, दोहोर्याएर कण्ठ पार्नुपर्छ। दिनको एक तालिका, हप्तामा एक दोहोर्याइ — यही तरिका काम लाग्छ। परीक्षामा यी शब्द तीन रूपमा आउँछन् — (१) अर्थ लेख्ने, (२) वाक्यमा प्रयोग गर्ने र (३) अनुच्छेदमा मिलाएर प्रयोग गर्ने। तीनै कामको पूर्ण नमुना यसै एकाइमा दिइएको छ।
28.1 शब्दभण्डार र यसका प्रकार
कुनै भाषामा प्रयोग हुने सम्पूर्ण शब्दको समष्टिलाई शब्दभण्डार भनिन्छ। स्रोतका आधारमा नेपाली शब्दभण्डारका चार मुख्य वर्ग — तत्सम (सूर्य, जल, शिखर), तद्भव (पानी, सूरज), आगन्तुक (अरबी-फारसी: कागज, दर्खास्त; अङ्ग्रेजी: बस, कम्प्युटर) र अनुकरणात्मक (झटपट, सरासर) — हुन्। यसका अतिरिक्त परीक्षामा अर्थसम्बन्धका आधारमा शब्दहरू अलग-अलग तरिकाले सोधिन्छन्।
| प्रकार | परिभाषा | परीक्षामा सोधिने रूप |
|---|---|---|
| पर्यायवाची | उस्तै वा मिल्दो अर्थ दिने शब्द | 'दिइएका शब्दका पर्यायवाची लेख्नुहोस्' |
| विपरीतार्थी | उल्टो अर्थ दिने शब्द | 'विपरीतार्थक शब्द लेख्नुहोस्' |
| अनेकार्थी | एउटै शब्दले प्रसङ्गअनुसार फरक-फरक अर्थ दिने | 'दुई अर्थ दिने गरी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्' |
| श्रुतिसमभिन्नार्थक | सुन्दा उस्तै लाग्ने तर अर्थ फरक भएका शब्द | 'श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द लेख्नुहोस्' |
| उखान | लोकअनुभवबाट निस्केको पूर्ण वाक्य | 'उखानको अर्थ / प्रयोग' |
| टुक्का | अर्थ फेरिएर बनेको पदावली (पूर्ण वाक्य होइन) | 'टुक्काको अर्थ लेख्नुहोस्, वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्' |
| प्रतीकात्मक शब्द | कुनै गुण वा स्वभावको प्रतीक बनेका पौराणिक/सांस्कृतिक नाम | 'प्रतीकात्मक शब्दको अर्थ लेख्नुहोस्' |
| पारिभाषिक शब्द | कुनै विषयक्षेत्रमा निश्चित अर्थ दिइएका शब्द | 'शब्दकोशीय क्रममा मिलाई अर्थ लेख्नुहोस्' |
28.2 पर्यायवाची शब्द
एउटै वा मिल्दो अर्थ दिने शब्दलाई पर्यायवाची (समानार्थी) भनिन्छ। परीक्षामा एउटा शब्दका कम्तीमा दुई पर्याय लेख्न सके पूरा अङ्क आउँछ। हरेक शब्दको प्रयोग एकदम उस्तै हुँदैन — 'पृथ्वी' र 'धरती' उस्तै हुन्, तर 'हावा' र 'समीर' मा काव्यात्मकताको भेद हुन्छ; त्यसैले वाक्यमा प्रयोग गर्दा प्रसङ्ग हेर्नुपर्छ।
प्रश्न. 'आमा' का दुईओटा पर्यायवाची लेखी प्रत्येकलाई वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
उत्तर. (क) माता — माताले छोराछोरीलाई आफ्नो जीवनको पुँजी ठान्छिन्। (ख) जननी — जननी र जन्मभूमि स्वर्गभन्दा महान् हुन्छन्।
ध्यान दिनुहोस्। वाक्यले शब्दको अर्थ प्रकट गर्नुपर्छ। 'माता आइन्' जस्तो वाक्यले अर्थ देखाउँदैन र अङ्क कटाउँछ।
(क) पाठ्यपुस्तकमा सोधिएका शब्द
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| वायु | पवन, हावा, समीर, अनिल |
| आमा | माता, जननी, मातृ |
| मधुर | मीठो, सुमधुर, कर्णप्रिय, सुरिलो |
| गरिमा | महिमा, गौरव, प्रतिष्ठा, मर्यादा |
| करुणा | दया, कृपा, अनुकम्पा, ममता |
| नगर | सहर, पुर, पुरी |
| दक्ष | निपुण, कुशल, प्रवीण, सिपालु |
| एकान्त | निर्जन, सुनसान, विविक्त |
| धरती | पृथ्वी, भूमि, धरा, वसुधा |
| शिशु | बालक, बच्चा, नानी, नाबालक |
| चिसो | शीतल, ठण्डा |
| टाकुरा | शिखर, चुली, चुचुरो |
| फूल | पुष्प, सुमन, कुसुम |
(ख) मानव, समाज र राष्ट्र
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| देश | राष्ट्र, मुलुक, स्वदेश, राज्य |
| जगत् | संसार, विश्व, दुनियाँ, जग |
| शिक्षक | गुरु, अध्यापक, आचार्य, शिक्षाविद् |
| भाइ | अनुज, सहोदर, कान्छा |
| गरिब | निर्धन, दरिद्र, विपन्न, अभावग्रस्त |
| किसान | कृषक, हली, कृषिकार |
| व्यापारी | वणिक्, सौदागर, व्यवसायी |
| विद्वान् | पण्डित, ज्ञानी, विज्ञ, प्राज्ञ |
| वीर | साहसी, बहादुर, शूर, योद्धा |
| कवि | काव्यकार, रचनाकार, कवीश्वर |
| चिठी | पत्र, खत, पत्रिका |
| ग्रन्थ | पुस्तक, किताब, कृति |
(ग) भाव, गुण र कर्म
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| साहस | आँट, हिम्मत, बहादुरी, निडरता |
| धैर्य | धीरज, सहनशीलता, धीरता |
| नम्र | विनयी, विनम्र, सरल |
| प्रशंसा | तारिफ, गुणगान, सराहना, बडाइ |
| प्रसन्न | खुसी, हर्षित, सन्तुष्ट, मग्न |
| प्रतिज्ञा | प्रण, वाचा, सङ्कल्प, शपथ |
| उद्योग | परिश्रम, उद्यम, मिहिनेत, श्रम |
| लक्ष्य | उद्देश्य, ध्येय, गन्तव्य, प्रयोजन |
| अनुपम | अतुलनीय, अद्वितीय, बेजोड |
| उपहार | भेट, सौगात, पुरस्कार |
| आँसु | अश्रु, नयनजल |
| विजय | जित, जय, सफलता |
| शान्ति | अमन, चैन, सुकून |
(घ) प्रकृति र अन्य
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| तारा | नक्षत्र, तारका, तरेली |
| हिमाल | हिमगिरि, तुषारगिरि, पर्वतराज |
| शिखर | चुली, चुचुरो, टाकुरा, टुप्पो |
| दर्पण | ऐना, आइना, मुकुर |
| पृथ्वी | धरा, भूमि, वसुधा, धरती |
| सागर | समुद्र, जलधि, उदधि, रत्नाकर |
| मेघ | बादल, घन, जलद |
| अरण्य | वन, जङ्गल, कानन |
| ज्योति | उज्यालो, प्रकाश, आभा, दीप्ति |
| बगैँचा | उद्यान, वाटिका, फूलबारी |
28.3 विपरीतार्थी शब्द
कुनै शब्दको उल्टो अर्थ दिने शब्दलाई विपरीतार्थी (विलोम) भनिन्छ। यसमा अर्थको पूर्ण उल्टोपन चाहिन्छ; 'हात' को विपरीतार्थी हुँदैन किनभने त्यसको उल्टो वस्तु हुँदैन। सामान्य नियम — उपसर्ग हेरेर बनाइन्छ (अ-, अन्-, निः-, दुः-, वि-) तर सबै शब्दमा यो चल्दैन — 'उदार' को विपरीत 'अनुदार' होइन, 'कृपण' हो।
(क) पाठ्यपुस्तकमा सोधिएका शब्द
| शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|
| दिन | रात |
| दुःखी | सुखी |
| उदाइसकेको | अस्ताएको |
| पराजय | विजय, जय |
| विजित | पराजित |
| अपमान | सम्मान |
| सूर्यास्त | सूर्योदय |
| देब्रे | दाहिने |
| वियोग | संयोग |
| हार | जित |
| रुनु | हाँस्नु |
| आफ्नो | पराइ, अर्काको |
| आय | व्यय |
| सक्कली | नक्कली |
| निराशा | आशा |
| प्रतिकूल | अनुकूल |
| जस | अपजस, अपयश |
| आकर्षण | विकर्षण |
| जटिल | सरल |
| सबल | निर्बल |
| सापेक्ष | निरपेक्ष |
| हर्ष | विषाद, शोक |
| अनावश्यक | आवश्यक |
| उदय | अस्त |
| उन्नति | अवनति |
| संयोग | वियोग |
| लाभ | हानि |
| स्वायत्तता | पराधीनता |
| विकास | विनाश |
| नाफा | नोक्सान |
(ख) अन्य महत्त्वपूर्ण जोडा
| शब्द | विपरीतार्थी | शब्द | विपरीतार्थी |
|---|---|---|---|
| उदार | कृपण | उपयोग | दुरुपयोग |
| ऋण | धन | गम्भीर | चञ्चल |
| घाटा | नाफा | चेतन | जड, अचेतन |
| जागरण | निद्रा | ज्ञान | अज्ञान |
| तर्क | कुतर्क | दयालु | निर्दयी |
| दीर्घ | ह्रस्व | दुर्जन | सज्जन |
| दृढ | शिथिल | धैर्य | अधैर्य |
| नम्र | उद्दण्ड | नियम | अपवाद |
| परिश्रमी | अल्छी | पूर्व | पश्चिम |
| प्रकाश | अन्धकार | प्रगति | अवनति |
| बुद्धिमान् | मूर्ख | भाग्यमानी | अभागी |
| भ्रष्टाचारी | इमानदार | मानव | दानव |
| मिलन | विछोड | मीठो | तीतो |
| मृदु | कठोर | यथार्थ | कल्पना |
| रोग | निरोग | लघु | गुरु |
| वर्तमान | भविष्य | विश्वास | अविश्वास |
| शुद्ध | अशुद्ध | श्रेष्ठ | निकृष्ट |
| सम्मान | अपमान | सहयोग | असहयोग |
| साक्षर | निरक्षर | स्थायी | अस्थायी |
| स्वार्थ | परमार्थ | स्वतन्त्र | परतन्त्र |
'सफल' को विपरीत 'असफल' सही छ, तर 'आस्तिक' को विपरीत 'अनास्तिक' होइन, नास्तिक हो; 'सुन्दर' को विपरीत 'असुन्दर' भन्दा 'कुरूप' अर्थगत रूपमा बढी उपयुक्त हुन्छ। सन्देह भए शब्दकोश हेरेर पक्का गर्नुहोस्।
28.4 अनेकार्थी शब्द
एउटै शब्दले प्रसङ्गअनुसार फरक-फरक अर्थ दिन्छ भने त्यसलाई अनेकार्थी शब्द भनिन्छ। अर्थ छुट्याउन वाक्यको प्रसङ्ग हेर्नुपर्छ। कक्षा १२ को पाठ्यपुस्तकमा 'उत्तर, गोल, जग, तान, पत्र, वर, बाली, साँचो, सुर, हार, जाली' जस्ता शब्द सोधिएका छन्।
उत्तर लेख्ने ढाँचा
प्रश्न. 'बस' शब्दलाई दुई फरक अर्थ दिने गरी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
उत्तर. (क) बस (आदेश: बस्नु) — तिमी राम्रोसँग बस है। (ख) बस (सवारीको नाम) — यो बस कहाँ जाने हो ?
ध्यान दिनुहोस् — दुई वाक्य दुई अलग अर्थमा लेख्नुपर्छ; एउटै अर्थको दुई वाक्य लेख्नु गल्ती हो।
| शब्द | अर्थहरू | वाक्यमा प्रयोग |
|---|---|---|
| उत्तर | दिशा; जवाफ | हिमाल उत्तरतिर छ; प्रश्नको सही उत्तर लेख्नुहोस्। |
| गोल | घेराको आकार; खेलको लक्ष्यमा बल छिराउने अङ्क | पृथ्वी गोल छ; उसले फुटबलमा दुई गोल गर्यो। |
| जग | घरको आधार; संसार | घरको जग बलियो बनाऊ; जग हँसाउने कलाकार। |
| तान | तान्नु (क्रिया); सङ्गीतको लामो आलाप | डोरी तान; गायकले लामो तान लगाए। |
| पत्र | चिठी; रूखको पात | मैले मामालाई पत्र लेखेँ; शरद्मा पत्र झर्छन्। |
| वर | दुलाहा; वरदान; श्रेष्ठ | वर पक्ष आइपुग्यो; देवताले वर दिए। |
| बाली | खेतमा उब्जाइएको अन्न; कानको गहना | यसपाला धानको बाली राम्रो भयो; उनले सुनको बाली लगाइन्। |
| साँचो | सत्य; ताला खोल्ने औजार | साँचो बोल्नु धर्म हो; साँचो हराएपछि ताला खुलेन। |
| सुर | स्वर वा लय; देवता | गीतको सुर मिल्यो; सुर र असुरको युद्ध भयो। |
| हार | पराजय; माला | उसले दौडमा हार स्वीकार्यो; दुलहीको घाँटीमा सुनको हार शोभित थियो। |
| जाली | नक्कली; झ्याल वा पर्खालको जालीदार खण्ड | जाली नोट चलाउनु अपराध हो; झ्यालमा फलामको जाली राखियो। |
| आम | साधारण; आँपको फल | आम जनता; आम पाक्ने बेला भयो। |
| बोली | भाषा; लिलामीमा मूल्य भन्ने काम | उसको बोली मीठो छ; घर किन्न बोली बोलियो। |
| भार | बोझ; जिम्मेवारी; तौल | डोकोको भार ठुलो छ; परिवारको भार उसैको काँधमा छ। |
| मत | राय; धर्म/सम्प्रदाय; चुनावको भोट | मेरो मत फरक छ; बौद्ध मत मान्ने; मत दिन जाऊँ। |
| मूल | जरा; आधारभूत; दाम | रूखको मूल बलियो; कथाको मूल भाव; वस्तुको मूल घट्यो। |
| योग | जोड; ध्यान-साधना; संयोग | दुई र तीनको योग पाँच; म बिहान योग गर्छु; राम्रो योग परेको छ। |
| वृत्ति | जीविका; स्वभाव; छात्रवृत्ति | शिक्षण उसको वृत्ति हो; उसको वृत्ति दयालु छ; उसले वृत्ति पायो। |
| शाखा | रुखको हाँगा; संस्थाको एक विभाग | रुखको शाखा टुट्यो; बैङ्कको नयाँ शाखा खुल्यो। |
| सूत्र | धागो; नियम | सूत्रले माला गाँथियो; गणितको सूत्र कण्ठ गर। |
| दल | समूह/पार्टी; पात/पत्ती; सेना | राजनीतिक दल; फूलको दल झर्यो; शत्रुको दल आयो। |
| पद | ओहदा; शब्द; खुट्टा; कवितांश | उसले उच्च पद पायो; 'नाम' एउटा पद हो; भक्त गुरुको पद सेवामा लाग्यो। |
28.5 श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द
उच्चारण वा सुनाइ उस्तै लाग्ने तर अर्थ फरक भएका शब्दलाई श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द भनिन्छ। यिनको सही प्रयोग वर्णविन्यास र अर्थबोध दुवैसँग जोडिएको छ।
| शब्द-१ | अर्थ | शब्द-२ | अर्थ |
|---|---|---|---|
| दिन | वासर, उज्यालो समय | दीन | गरिब, निर्धन |
| दिशा | पूर्व, पश्चिम आदि तर्फ | दशा | अवस्था |
| शव | मृत शरीर, लास | सब | सबै |
| बास | बसोबास; गन्ध | बाँस | एक प्रकारको बुटी |
| व्यसन | लत, कुलत | वसन | लुगा |
| प्रदान | दिने काम | प्रधान | मुख्य |
| कोस | दूरीको माप | कोष | खजाना |
| पाश | फन्दा | पास | नजिक; उत्तीर्ण |
| गर्भ | भ्रूण; भित्री भाग | गर्व | अभिमान |
| विष | जहर | वेष | पहिरन |
| आदि | सुरु; इत्यादि | आदी | बानी परेको |
| सिता | चिनी | सीता | रामकी पत्नी |
| कृति | रचना | कीर्ति | यश |
| फेरि | पुनः | फेरी | परिक्रमा; घुमी-घुमी बेच्ने काम |
| अन्न | अनाज | अन्य | अर्को |
| चरण | खुट्टा | चारण | भाट |
| प्रसाद | देवताको भोग | प्रासाद | महल |
| वारि | पानी | बारी | घरनजिकको खेत |
| सुर | स्वर; देवता | शूर | वीर |
| शत | सय | सत् | असल, सत्य |
| सर | तलाउ | शर | बाण |
दुवै शब्दको अर्थ लेख्नुपर्छ; एउटा मात्र लेख्दा आधा अङ्क मात्र आउँछ। 'दिन—दीन' सोधे 'दिन = वासर, दीन = गरिब' लेख्नुहोस्।
28.6 समूहवाचक र लघुतावाचक शब्द
समूहवाचक शब्द वस्तु वा प्राणीको समूह जनाउँछन्; लघुतावाचक शब्द वस्तुको सानो रूप वा सानो अंश जनाउँछन्।
| वस्तु/प्राणी | समूहवाचक | वस्तु/प्राणी | समूहवाचक |
|---|---|---|---|
| कमिला | लस्कर, ताँती | गाईवस्तु, भेडा | बथान |
| मौरी | झुण्ड | केरा | घारी |
| बाँस | झ्याङ | दाउरा | भारी |
| मानिस | भिड, हुल | सिपाही | पल्टन, दस्ता |
| मित्र | मण्डली | पर्वत | शृङ्खला, माला |
| तारा | तारापुञ्ज | फूल | गुच्छा, थुँगा |
| आधार शब्द | लघुतावाचक | आधार शब्द | लघुतावाचक |
|---|---|---|---|
| कोदालो | कोदाली | गाग्रो | गाग्री |
| चिम्टा | चिम्टी | थाल | थाली |
| ठेको | ठेकी | पुस्तक | पुस्तिका |
| भात | सित (सानो अंश) | पराल | तिरिन (सानो अंश) |
| पानी | थोपा (सानो अंश) | रोटी | टुक्रा (सानो अंश) |
28.7 प्रतीकात्मक शब्द
कथा, पुराण र इतिहासका केही नाम कुनै विशेष गुण वा स्वभावका प्रतीक बनेका हुन्छन्। पाठ्यपुस्तकमा 'प्रतीकात्मक शब्दको अर्थ शिक्षकसँग सोधेर लेख्नुहोस्' भनी यस्ता शब्द सोधिएका छन्।
| शब्द | प्रतीकात्मक अर्थ |
|---|---|
| कुबेर | अत्यन्त धनी |
| रामराज्य | आदर्श, न्यायपूर्ण शासन |
| दुर्वासा | अति रिसाहा |
| दधिची | महान् त्यागी |
| सुदामा | गरिब तर सच्चा मित्र |
| भीष्म | कठोर प्रतिज्ञा गर्ने; पितामह |
| बाँदर | चञ्चल; नक्कल गर्ने |
| साँढे | उग्र; अनियन्त्रित |
| सावित्री | दृढ निष्ठावान पतिव्रता नारी |
| गङ्गा | पवित्रता |
| स्याल | धूर्त, चतुर |
| ब्वाँसो | क्रूर र लोभी |
| आकाश | अनन्तता, उच्चता |
| एकलव्य | निष्ठावान शिष्य |
| मौरी | परिश्रमी र सङ्गठित |
| लक्ष्मण रेखा | मर्यादाको सीमा |
| महाभारत | ठुलो पारिवारिक वा सामाजिक द्वन्द्व |
| कर्ण | दानी र वीर |
| भेडो | सोझो; अरूको पछि लाग्ने |
| कुम्भकर्ण | धेरै सुत्ने, अल्छी |
| भगीरथ प्रयत्न | असम्भव लाग्ने कठोर परिश्रम |
| विदुर | नीतिज्ञ र विवेकी सल्लाहकार |
| युधिष्ठिर | सत्यवादी र धर्मप्रेमी |
| शकुनि | कपटी सल्लाहकार |
| नारद | झगडा लगाइदिने/सूचना ओसारपसार गर्ने |
| छेपारो | रङ फेर्ने; अवसरवादी |
28.8 अनुकरणात्मक शब्द
आवाज, हाउभाउ, रूप, गन्ध वा गतिको अनुकरण गरेर बनेका शब्दलाई अनुकरणात्मक शब्द भनिन्छ। यिनले वर्णनलाई जीवन्त बनाउँछन्। पाठ्यपुस्तकले 'कुनै दशओटा अनुकरणात्मक शब्दको प्रयोग गरी विद्यार्थी जीवनको वर्णन' गर्न भनेको छ।
| शब्द | कुन कुराको अनुकरण | वाक्यमा प्रयोग |
|---|---|---|
| झटपट | हतार, तुरुन्त | उसले झटपट गृहकार्य सकाइ। |
| सरासर | सिधा र छिटो | उनी सरासर कक्षातिर लागे। |
| गद्गद | खुसी वा भावुकताले भरिएको | पुरस्कार पाएर ऊ गद्गद भयो। |
| गम्म | तीव्र गन्ध | फूलको बास्नाले कोठा गम्म पर्यो। |
| गुनगुन | मधुर गुञ्जन | उसले गुनगुन गर्दै गीत गायो। |
| घुटुक्क | निल्ने आवाज | उसले एक घुट पानी घुटुक्क निल्यो। |
| थचक्क | थचारिएर बस्ने | थाकेर ऊ कुर्सीमा थचक्क बस्यो। |
| चिटिक्क | सफा र सजिलो | चिटिक्क परेर ऊ विद्यालय गयो। |
| चिटचिट | पसिनाले टाँसिने | गर्मीले जिउ चिटचिट भयो। |
| छनछन | गहनाको आवाज; तातो तेल | उनको चुरा छनछन बज्यो। |
| जुरुक्क | एकाएक उठ्ने | घण्टी बज्दा ऊ जुरुक्क उठ्यो। |
| झसङ्ग | झस्किने | अचानक आवाज आएपछि ऊ झसङ्ग भयो। |
| टलक्क | चम्किने | उसको नयाँ जुत्ता टलक्क टल्कियो। |
| टहटह | चर्को घाम वा जून | टहटह घाम लागेको थियो। |
| टम्म | ठसक्क भरिएको | झोला किताबले टम्म थियो। |
| टुप्लुक्क | एकाएक देखा पर्ने | साथी घरअगाडि टुप्लुक्क आइपुग्यो। |
| टुलुटुलु | एकटकले हेर्ने | ऊ टुलुटुलु हेरिरह्यो। |
| ढकमक्क | फूल फुलेको | बगैँचामा फूल ढकमक्क फुलेका छन्। |
| ढ्वाङढ्वाङ | घण्टी वा मुटुको आवाज | डरले मुटु ढ्वाङढ्वाङ बज्यो। |
| दर्दर् | आँसु वा पसिना बग्ने | पसिना दर्दर् बग्यो। |
| पुलक्क | रोमाञ्चित हुने | खबर सुनेर ऊ पुलक्क भयो। |
| फर्फर | हावामा उड्ने | झन्डा फर्फर उड्यो। |
| मुसुमुसु | हल्का मुस्कान | उनी मुसुमुसु हाँसिन्। |
| लटरम्म | फल लटाराएको | रुखमा आँप लटरम्म फलेका छन्। |
| लुरुलुरु | मन नलागी पछि लाग्ने | बच्चा आमाको पछि लुरुलुरु गयो। |
| सलल | सहजै बग्ने | खोला सलल बगिरहेको थियो। |
| सुइँसुइँ | हावा चल्ने आवाज | बिहान सुइँसुइँ हावा चल्यो। |
| हस्याङफस्याङ | हाँफ्दै | ऊ हस्याङफस्याङ गर्दै विद्यालय पुग्यो। |
28.9 उखान
लोकजीवनको लामो अनुभवबाट निस्किएको, पूरा कुरा छोटो वाक्यमा भन्ने र वक्ताको भनाइमा वजन थप्ने वाक्यलाई उखान भनिन्छ। उखानको अर्थ सोध्दा शाब्दिक अर्थ होइन, भावार्थ लेख्नुपर्छ। पाठ्यपुस्तकले 'उखानको प्रयोग गरी एक अनुच्छेद लेख्नुहोस्' भनी सोध्छ; यसका लागि उखानको अर्थ बुझेर प्रसङ्गअनुसार मिलाउनुपर्छ।
उखान पूरा वाक्य हो र स्वतन्त्र रूपमा उभिन सक्छ; यसमा लोकअनुभवको निचोड हुन्छ (जस्तै — 'एक हातले ताली बज्दैन')। टुक्का पूर्ण वाक्य होइन, क्रियासहितको पदावली हो र वाक्यमा जोडिएर मात्र अर्थ दिन्छ; यसमा शब्दको शाब्दिक अर्थभन्दा फरक अर्थ निस्कन्छ (जस्तै — 'नाक काट्नु' = इज्जत बिगार्नु)।
(क) पाठ्यपुस्तकका पाठमा आएका उखान (सबै एकाइ)
| उखान | भावार्थ |
|---|---|
| एकले थुकी सुकी सयले थुकी नदी | थोरै-थोरै जम्मा गर्दा ठुलो बन्छ |
| नजिकको तीर्थ हेला | नजिकको वस्तु वा व्यक्तिको कदर नहुनु |
| जिउँदाको जन्ती मर्दाको मलामी | उत्सव र मृत्यु दुवैमा साथ दिने सामाजिक सम्बन्ध |
| आफू भलो त जगतै भलो | आफू असल भए संसार नै असल देखिन्छ |
| एक हातले ताली बज्दैन | दुवै पक्षको सहयोग बिना काम हुँदैन |
| ओरालो लागेको मृगलाई बाच्छाले पनि खेद्छ | दुर्दशामा परेकोलाई साधारण मान्छेले पनि हेप्छ |
| आकाशको फल आँखा तरी मर | पाउन नसकिने कुराको लोभले पछुतो बढ्छ |
| आलु खाएर पेडाको धाक | सामान्य सम्पन्नता हुँदाहुँदै ठुलो देखाउने प्रयास |
| अकबरी सुनलाई कसी लगाउनु पर्दैन | असल र गुणी चिजलाई प्रमाण दिनुपर्दैन |
| अगुल्टाले हानेको कुकुर बिजुली चम्कँदा तर्सन्छ | एक पटक दुःख पाएको मान्छे सानो कुराले पनि डराउँछ |
| अड्को पड्को तेलको धुप | अभावमा जे पाइयो त्यसैबाट काम चलाउनु |
| इन्द्रका अगाडि स्वर्गको बयान | जान्नेका सामु आफ्नो जानकारी देखाउन खोज्नु |
| काग कराउँदै गर्छ पिना सुक्दै गर्छ | निन्दकको कुराले असल कामलाई असर गर्दैन |
| हात्तीका मुखमा जिरा | आवश्यकताको तुलनामा निकै थोरै |
| काम गर्ने कालु मकै खाने भालु | काम एक जनाले गर्ने, फल अर्काले खाने |
| खाने मुखलाई जुँघाले छेक्दैन | इच्छा भएको मानिसलाई बाधाले रोक्दैन |
| घाँटी हेरी हाड निल्नु | आफ्नो सामर्थ्य हेरेर मात्र काम गर्नु |
| बोल्नेको पिठो पनि बिक्छ नबोल्नेको चामल पनि बिक्दैन | बोल्न जान्ने र प्रचार गर्नेले फाइदा पाउँछ |
| मेरो गोरुको बाह्रै टक्का | आफ्नो कुरालाई मात्र सही ठान्नु |
| रातभरि करायो दक्षिणा हरायो | धेरै मिहिनेत गर्दा पनि फल नपाउनु |
| हुने बिरुवाको चिल्लो पात | भविष्यमा सफल हुनेका लक्षण सुरुदेखि नै देखिन्छन् |
| हात्ती आयो हात्ती आयो फुस्सा | धेरै हल्ला गर्यो तर परिणाम केही निस्केन |
| नमच्चिने पिङको सय झट्का | नमान्नेलाई जति दबाब दिए पनि फरक पर्दैन |
| देखासिकी गरी खा, आरिसे मरी जा | अरूको राम्रो कामबाट सिकेर अघि बढे उन्नति हुन्छ, ईर्ष्या गरे विनाश |
| म ताक्छु मुढो बन्चरो ताक्छ घुँडो | एउटा सोच्यो, अर्कै भयो |
(ख) थप महत्त्वपूर्ण उखान
| उखान | भावार्थ | प्रयोग |
|---|---|---|
| अधजल गगरी छचल्किन्छ | थोरै ज्ञान भएको मान्छेले धेरै देखावटी गर्छ | परीक्षामा आधा कुरा जान्ने साथीको घमण्ड 'अधजल गगरी छचल्किन्छ' जस्तै हो। |
| घर जलेको बेला इनार खन्नु | आपत् परेपछि मात्र उपाय खोज्नु | परीक्षा नजिकिएपछि पढ्न थाल्नु घर जलेको बेला इनार खन्नु हो। |
| चोरको दाह्रीमा तिनो | दोषी मान्छे आफैँ शङ्का गर्छ | कारबाहीको कुरा सुन्नेबित्तिकै ऊ डरायो — चोरको दाह्रीमा तिनो। |
| जहाँ चाह त्यहाँ राह | इच्छाशक्ति भए उपाय निस्किन्छ | गाउँका केटाले पढ्ने बाटो निकाल्यो — जहाँ चाह त्यहाँ राह। |
| फल्ने रुख झुक्छ | गुणी र ज्ञानी नम्र हुन्छन् | जति ज्ञानी भए पनि गुरु नम्र थिए — फल्ने रुख झुक्छ। |
| हात्तीको देखाउने दाँत अर्कै, खाने अर्कै | बाहिर एउटा, भित्र अर्कै व्यवहार | सुन्दर भाषण दिने नेताका काम उल्टा थिए — देखाउने दाँत अर्कै। |
| कुकुर भुक्छ हात्ती जान्छ | निन्दाले असल कामलाई रोक्न सक्दैन | आलोचनालाई वास्ता नगरी ऊ अघि बढ्यो — कुकुर भुक्छ हात्ती जान्छ। |
| हतारको काम, लतारको फल | हतारमा गरेको काम बिग्रन्छ | हतारमा लेख्दा जवाफ गलत भयो — हतारको काम लतारको फल। |
| अन्धाको देशमा काना राजा | मूर्खहरूबिच अलिकति जान्ने पनि ठुलो ठहरिन्छ | गाउँमा एसएलसी पास गरेको उनी काना राजा। |
| एक कान दुई कान मैदान | गोप्य कुरा सबैले थाहा पाउँछन् | उसले भनेको कुरा सारा गाउँमा फैलियो। |
| रात रहे अग्राख पलाउँछ | समय दिए असम्भव कुरा पनि सम्भव हुन्छ | धैर्य गर, रात रहे अग्राख पलाउँछ। |
| बिरालोको घाँटीमा घन्टी कसले बाँध्ने | जोखिमको काम कसले गर्ने भन्ने द्विविधा | सबैलाई सुधार चाहियो, तर पहल कसले गर्ने ? |
| आँप खानु कि रुख गन्नु | काममा ध्यान दिनुपर्छ, अनावश्यक कुरामा होइन | नतिजामा ध्यान देऊ, मेहनतको हिसाब नगर। |
प्रश्न. दिइएका उखानको प्रयोग गरी एक अनुच्छेद लेख्नुहोस् : एक हातले ताली बज्दैन, काग कराउँदै गर्छ पिना सुक्दै गर्छ, हात्तीका मुखमा जिरा, घर जलेको बेला इनार खन्नु। [४]
उत्तर. हाम्रो विद्यालयले सरसफाइ अभियान चलायो। सबै विद्यार्थी सहभागी भएपछि मात्र काम सफल भयो किनभने एक हातले ताली बज्दैन। कसैले 'यस्तो अभियानले के फरक पर्छ ?' भनी खिल्ली उडाए, तर काग कराउँदै गर्छ पिना सुक्दै गर्छ भनेझैँ हामीले वास्ता गरेनौँ। विद्यालयको ठुलो आवश्यकतासामु यो प्रयास हात्तीका मुखमा जिरा जस्तै सानो थियो, तर सुरुवात भयो। पहिले नै सफा राखेको भए घर जलेको बेला इनार खन्नु पर्ने थिएन भन्ने कुरा सबैले बुझे।
मूल्याङ्कनका आधार। (क) कम्तीमा चारओटै उखान प्रयोग, (ख) प्रत्येकको प्रसङ्गअनुसार शुद्ध अर्थ, (ग) उखानलाई गाढा बनाउने वा रेखाङ्कन गर्ने (उत्तरपुस्तिकामा), (घ) अनुच्छेद एकै विषयमा।
28.10 टुक्का
टुक्का भनेको शब्दको शाब्दिक अर्थभन्दा फरक अर्थ दिने पदावली हो। यसको उत्तर लेख्दा अर्थ र वाक्य दुवै लेख्नुपर्छ।
प्रश्न. 'नाक काट्नु' टुक्काको अर्थ लेखी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
उत्तर. अर्थ — इज्जत बिगार्नु, बेइज्जत गर्नु। वाक्य — गलत काम गरेर उसले आफ्नो खानदानको नाक काट्यो।
(क) पाठ्यपुस्तकका टुक्का (पाठअनुसार)
| टुक्का | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| सुइँकुच्चा ठोक्नु | चुपचाप भाग्नु | कुकुर देखेर स्यालले सुइँकुच्चा ठोक्यो। |
| लम्पसार पर्नु | पसारिएर पल्टनु | थाकेपछि ऊ ओछ्यानमा लम्पसार पर्यो। |
| आँखा लाग्नु | निद्रा लाग्नु | किताब पढ्दापढ्दै मेरो आँखा लाग्यो। |
| मुख फोर्नु | बोल्न थाल्नु | धेरै बेर चुप बसेपछि उसले अन्ततः मुख फोर्यो। |
| तातो लाग्नु | उत्सुकता जाग्नु | नयाँ कक्षाबारे सुनेर उसलाई तातो लाग्यो। |
| तेल लगाउनु | चाप्लुसी गर्नु | जागिरका लागि उसले हाकिमलाई तेल लगायो। |
| सोत्तर हुनु | सबै नष्ट हुनु | आगलागीले घर सोत्तर भयो। |
| रातोपिरो हुनु | अति रिसाउनु | गल्ती सुनेर गुरु रातोपिरो हुनुभयो। |
| निथ्रुक्क भिज्नु | पूरै भिज्नु | पानीमा परेर ऊ निथ्रुक्क भिज्यो। |
| मक्ख पर्नु | खुसी हुनु | पुरस्कार पाएर ऊ मक्ख पर्यो। |
| कानमा तेल हाल्नु | सुनेर नसुनेझैँ गर्नु | सल्लाह सुनेर पनि उसले कानमा तेल हाल्यो। |
| हुरुक्क हुनु | उत्साहित हुनु | घुम्न जाने कुराले ऊ हुरुक्क भयो। |
| नाक ठाडो पार्नु | इज्जत बढाउनु | जितेर उसले देशको नाक ठाडो पार्यो। |
| हातमुख जोर्नु | गुजारा चलाउनु | उसले दिनभर काम गरी हातमुख जोर्यो। |
| श्री गणेश गर्नु | शुभारम्भ गर्नु | उनले नयाँ उद्योगको श्री गणेश गरे। |
| फत्ते गर्नु | जित्नु; काम सिद्ध्याउनु | अन्ततः उसले चुनौती फत्ते गर्यो। |
| दुनो सोझ्याउनु | स्वार्थ पूरा गर्नु | उसले सबैलाई भुलाएर आफ्नै दुनो सोझ्यायो। |
| लखतरान हुनु | निकै थाक्नु | हिँडेर ऊ लखतरान भयो। |
| कम्मर कस्नु | दृढ भएर काममा लाग्नु | उसले परीक्षाका लागि कम्मर कस्यो। |
| मन फुकाउनु | चित्त बुझाउनु | साथीले सम्झाएपछि उसले मन फुकायो। |
| नाक राख्नु | इज्जत जोगाउनु | उसले राम्रो नतिजा ल्याएर परिवारको नाक राख्यो। |
| डाँडो काट्नु | गाउँठाउँ छाडेर टाढा जानु | रोजगारीका लागि उसले डाँडो काट्यो। |
| देश पस्नु | कमाउन परदेश जानु | युवाहरू देश पस्न बाध्य छन्। |
| कुरा काट्नु | अर्काको निन्दा गर्नु | अरूको कुरा काटेर समय खेर नफाल। |
| इन्तु न चिन्तु हुनु | पीडाले रन्थनिनु | चोटले उसको मन इन्तु न चिन्तु भयो। |
| दाँत गाड्नु | अति लोभ गर्नु | उसले अर्काको सम्पत्तिमा दाँत गाड्यो। |
| टाप कस्नु | भाग्नु | चोरले प्रहरी देखेर टाप कस्यो। |
| डङ्ग्रङ्ग लड्नु | ठुलो आवाजसहित पछारिनु | पुरानो रुख डङ्ग्रङ्ग लड्यो। |
| टाउको खानु | दिक्क बनाउनु | भाइले मेरो टाउको खायो। |
| बाटो हेर्नु | प्रतीक्षा गर्नु | आमा छोराको बाटो हेर्दै बसिन्। |
| काँध हाल्नु | समर्थन गर्नु | साथीले उसको प्रस्तावमा काँध हाल्यो। |
| लख काट्नु | अनुमान गर्नु | उसको अनुहार हेरी मैले लख काटेँ। |
| आलु खानु | असफल हुनु | गणितमा उसले आलु खायो। |
| पसिना काढ्नु | कडा मिहिनेत गर्नु | उसले सालभर पसिना काढ्यो। |
| कुरा खानु | भनेको मान्नु | भाइले मेरो कुरा खाएन। |
| कान खानु | दिक्क लाग्ने गरी बारम्बार भन्नु | उसले बिहानदेखि कान खायो। |
| आँखा चिम्लिनु | देखेर पनि नदेखेझैँ गर्नु | अधिकारीले गल्तीमा आँखा चिम्लिए। |
| मन चोर्नु | मन जित्नु | उनको गीतले सबैको मन चोर्यो। |
| मुख छाड्नु | गाली गर्नु | उसले रिसले भाइप्रति मुख छाड्यो। |
| हात छाड्नु | पिट्नु | गृहकार्य नगर्दा गुरुले हात छाड्नुभयो। |
| सातो जानु | होसहवास हराउनु | सर्प देखेर मेरो सातो गयो। |
| घुँडा टेक्नु | हार खानु | प्रतिस्पर्धामा उसले घुँडा टेक्यो। |
| खुट्टा तान्नु | अगाडि बढ्न नदिनु | अरूको प्रगति देख्न नसक्नेले खुट्टा तान्छन्। |
| हात थाप्नु | माग्नु | स्रोत सदुपयोग गरे हात थाप्नु पर्दैन। |
| तालुमा आलु फल्नु | भाग्य सप्रनु | चिट्ठा पर्दा उसको तालुमा आलु फल्यो। |
'कानमा तेल हाल्नु' को अर्थ 'कानमा तेल राख्नु' होइन। टुक्काको सधैँ भावार्थ लेख्नुपर्छ; शाब्दिक अर्थ लेखे शून्य अङ्क आउँछ।
28.11 पारिभाषिक शब्द
कुनै विषयक्षेत्रमा निश्चित अर्थमा प्रयोग हुने शब्दलाई पारिभाषिक शब्द भनिन्छ। कक्षा १२ को पाठ्यपुस्तकले प्रत्येक पाठमा एउटा क्षेत्र — कानुन, प्रशासन, अन्तरिक्ष, मानविकी, जग्गा-प्रशासन — चुनेर यसको अभ्यास गराएको छ। 'शब्दकोशीय क्रममा मिलाउनुहोस्' भनेपछि स्वर (अ, आ, इ…) र व्यञ्जन (क, ख, ग…) को क्रम पछ्याउनुपर्छ; अर्थ पनि लेख्नुपर्छ।
(क) कानुन र न्याय
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अध्यादेश | संसद् नबसेको बेला राष्ट्रपतिले जारी गर्ने कानुनी शक्ति भएको आदेश |
| अधिवक्ता | अदालतमा कानुनी पैरवी गर्ने वकिल |
| इजलास | न्यायाधीश बसेर मुद्दा हेर्ने अदालतको बैठक |
| कायलनामा | तथ्य वा अपराध स्वीकार गरी गरिएको लिखत |
| जमानत | हाजिरी वा भुक्तानीको प्रत्याभूति |
| तारिख | मुद्दाको पेसी वा हाजिर हुने तोकिएको मिति |
| देवानी | व्यक्तिगत हक, सम्पत्ति, सम्झौतासँग सम्बन्धित कानुनी विषय |
| फौजदारी | अपराध र सजायसँग सम्बन्धित कानुनी विषय |
| बिगो | मुद्दामा ठहर भएको बिगारिएको सम्पत्ति वा क्षतिको रकम |
| मुचुल्का | घटनास्थलमा गरिएको जाँचको साक्षी सहितको लिखित विवरण |
| वारेस | कानुनी उत्तराधिकारी, हकदार |
| विधेयक | संसद्मा पेस हुने कानुनको मस्यौदा |
| सनाखत | पहिचान, चिनाउने काम |
| सरजमिन | घटनास्थलको प्रत्यक्ष जाँच तथा बुझ्ने काम |
| हदम्याद | कानुनले तोकेको समयसीमा |
(ख) प्रशासन र कार्यालय
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अधिकृत | अधिकारप्राप्त कर्मचारी |
| आदेश | माथिल्लो अधिकारीले दिएको हुकुम |
| निलम्बन | छानबिन वा कारबाहीका लागि कामबाट अस्थायी रोक |
| परिपत्र | धेरै कार्यालयलाई एकैपटक दिइने निर्देशन |
| फर्स्योट | हिसाबकिताब मिलाउने, टुङ्ग्याउने काम |
| बढुवा | माथिल्लो पदमा पदोन्नति |
| बेरुजु | लेखा परीक्षणमा नियमअनुसार प्रमाणित हुन नसकेको रकम |
| भरपाई | रकम वा सामान बुझेको लिखित प्रमाण |
| राजस्व | सरकारले कर आदिबाट उठाउने आम्दानी |
| सरुवा | एक कार्यालय वा ठाउँबाट अर्कोमा पदस्थापन |
| स्पष्टीकरण | कुनै काम वा त्रुटिबारे सोधिएको जवाफ |
| टिप्पणी | फाइलमा कर्मचारीले लेख्ने राय वा निर्णयको आधार |
(ग) जग्गा-प्रशासन र सहकारी
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अब्बल | जमिनको पहिलो श्रेणी; उत्तम |
| दोयम | जमिनको दोस्रो श्रेणी |
| सिम | जमिनको तेस्रो श्रेणी |
| चाहार | जमिनको चौथो श्रेणी |
| ऐलानी | कसैको नाममा दर्ता नभएको सरकारी जग्गा |
| कित्ता | जग्गाको एक टुक्रा |
| कुत | जग्गाबाट जग्गाधनीले पाउने उब्जनी वा भाडा |
| पर्ती | जोतिएको नभई खाली छाडिएको जग्गा |
| सुकुम्बासी | आफ्नो नाममा जमिन नभएका, अरूको जग्गामा बस्ने |
(घ) अन्तरिक्ष र विज्ञान
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| उल्का | वायुमण्डलमा पसी बल्ने अन्तरिक्षीय चट्टान |
| उल्कापिण्ड | अन्तरिक्षमा रहेका चट्टान वा धातुका पिण्ड |
| ग्रह | सूर्यको वरिपरि घुम्ने ठुलो पिण्ड |
| तारापुञ्ज | ताराहरूको समूह |
| धूमकेतु | पुच्छर भएको अन्तरिक्षीय पिण्ड |
| नक्षत्र | आकाशमा चन्द्रमाको मार्गका तारासमूह |
| ब्रह्माण्ड | सम्पूर्ण सृष्टि |
| राशि | सूर्यको बाटोको बाह्र खण्डमध्ये एक |
| सौरमण्डल | सूर्य र त्यसको वरिपरि घुम्ने ग्रह-उपग्रहको समूह |
| ज्ञेय | जान्न योग्य |
| ऊर्जा | काम गर्ने क्षमता |
| आकाशगङ्गा | हाम्रो सौरमण्डल रहेको ताराहरूको विशाल समूह |
| यौगिक | दुई वा बढी तत्त्व निश्चित अनुपातमा मिलेर बनेको पदार्थ |
| विकिरण | किरणको रूपमा शक्ति फैलिने प्रक्रिया |
| संवहन | तरल वा ग्यासका कणको चलाइबाट ताप सर्ने प्रक्रिया |
| वाष्पीभवन | तरल पदार्थ ग्यासमा बदलिने प्रक्रिया |
| समीकरण | दुई राशिको समानता देखाउने गणितीय वाक्य |
| मिश्रण | रासायनिक बन्धनविना मिसाइएको दुई वा बढी पदार्थ |
| अम्ल | खट्टो स्वाद भएको, निलो लिटमसलाई रातो बनाउने पदार्थ |
| शल्यक्रिया | शरीर चिरेर गरिने उपचार |
| रक्तचाप | रगतले नसामा पार्ने दबाब |
| मधुमेह | रगतमा चिनीको मात्रा बढ्ने रोग |
| महामारी | धेरै ठाउँ र मानिसमा फैलिएको रोग |
(ङ) मानविकी र साहित्य
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अधिमूल्यन | वस्तु वा मुद्राको सामान्यभन्दा बढ्न गएको मूल्य |
| अवमूल्यन | मूल्य घट्ने वा महत्त्व कम हुने क्रिया |
| अलङ्कार | अर्थगत वा शाब्दिक चमत्कारद्वारा साहित्यलाई सिँगार्ने तत्त्व |
| आवासीय | नियत स्थानमै बसेर काम गर्ने |
| आशुकवि | दृश्य वा घटनालाई तत्काल कवितामय भाषामा वर्णन गर्न सक्ने कवि |
| उपन्यास | धेरै अध्याय वा खण्डमा लेखिने लामो साहित्यिक कथा |
| कथा | जीवनको एक अंशलाई घटनाक्रममा प्रस्तुत गर्ने छोटो गद्य आख्यान |
| कविता | विचार वा भावनाको लयबद्ध कलात्मक अभिव्यक्ति |
| छन्द | अक्षर, मात्रा र गति-यतिको नियमले बाँधिएको पद्यको लयात्मक व्यवस्था |
| निबन्ध | कुनै एक विषयमा क्रमबद्ध रूपमा लेखिने गद्य रचना |
| रस | काव्य पढ्दा वा सुन्दा पाइने भावनात्मक आनन्द |
हरेक शब्दलाई कुन क्षेत्र → के काम → कहाँ प्रयोग तीन प्रश्नमा बाँधेर सम्झनुहोस्। जस्तै — बेरुजु → प्रशासन/लेखा → नियमअनुसार प्रमाणित नभएको रकम → लेखा परीक्षण प्रतिवेदन।
एकाइको सारांश
- शब्दभण्डार = भाषाको सम्पूर्ण शब्दसङ्ग्रह; स्रोतअनुसार तत्सम, तद्भव, आगन्तुक, अनुकरणात्मक।
- पर्यायवाची — उस्तै अर्थ (वायु = पवन, हावा; आमा = माता, जननी; धरती = पृथ्वी, भूमि)। कम्तीमा दुईओटा लेख्ने।
- विपरीतार्थी — उल्टो अर्थ (आय — व्यय; दिन — रात; वियोग — संयोग); सधैँ उपसर्गले बनाउन मिल्दैन।
- अनेकार्थी — एउटै शब्दका फरक अर्थ (हार = पराजय, माला; साँचो = सत्य, ताला खोल्ने औजार); दुई अलग अर्थका दुई वाक्य।
- श्रुतिसमभिन्नार्थक — सुन्दा उस्तै, अर्थ फरक (दिन–दीन, दिशा–दशा, कृति–कीर्ति); दुवैको अर्थ लेख्ने।
- समूहवाचक (कमिला–लस्कर, केरा–घारी) र लघुतावाचक (कोदालो–कोदाली, पुस्तक–पुस्तिका)।
- प्रतीकात्मक शब्द — कुबेर (धनी), दुर्वासा (रिसाहा), कुम्भकर्ण (अल्छी), शकुनि (कपटी)।
- अनुकरणात्मक शब्द — झटपट, सरासर, ढकमक्क, लटरम्म, हस्याङफस्याङ आदि; वर्णनमा जीवन्तता।
- उखान पूरा वाक्य, लोकअनुभवको निचोड; टुक्का क्रियासहितको पदावली, शाब्दिकभन्दा फरक अर्थ। दुवैको भावार्थ लेख्ने।
- पारिभाषिक शब्द — कानुन (इजलास, मुचुल्का, सरजमिन), प्रशासन (बेरुजु, फर्स्योट, निलम्बन), जग्गा (अब्बल, दोयम, सिम, चाहार, कित्ता), अन्तरिक्ष (उल्का, धूमकेतु, नक्षत्र), साहित्य (छन्द, रस, अलङ्कार)।
- परीक्षा सूत्र — अर्थ + वाक्य + अनुच्छेद; शब्दकोशीय क्रममा मिलाउँदा स्वर र व्यञ्जनको क्रम पछ्याउने।
अभ्यास प्रश्न
शब्दभण्डार (१ अङ्क)
- दिइएका शब्दका दुई-दुईओटा पर्यायवाची लेख्नुहोस् : करुणा, गरिमा, दक्ष, धरती, साहस। [१]
- दिइएका शब्दका विपरीतार्थी लेख्नुहोस् : अपमान, सापेक्ष, सबल, आय, जटिल। [१]
- दिइएका श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्दको अर्थ लेख्नुहोस् : (क) दिन—दीन (ख) गर्भ—गर्व। [१]
- दिइएका शब्दलाई लघुतावाचक रूपमा लेख्नुहोस् : कोदालो, गाग्रो, थाल, पुस्तक। [१]
- प्रतीकात्मक अर्थ लेख्नुहोस् : कुबेर, दुर्वासा, कुम्भकर्ण, शकुनि। [१]
उत्तर
१. करुणा — दया, कृपा; गरिमा — गौरव, प्रतिष्ठा; दक्ष — निपुण, कुशल; धरती — पृथ्वी, भूमि; साहस — आँट, हिम्मत।
२. अपमान — सम्मान; सापेक्ष — निरपेक्ष; सबल — निर्बल; आय — व्यय; जटिल — सरल।
३. (क) दिन = वासर (उज्यालो समय); दीन = गरिब। (ख) गर्भ = भ्रूण, भित्री भाग; गर्व = अभिमान।
४. कोदाली, गाग्री, थाली, पुस्तिका।
५. कुबेर — अत्यन्त धनी; दुर्वासा — अति रिसाहा; कुम्भकर्ण — धेरै सुत्ने, अल्छी; शकुनि — कपटी सल्लाहकार।
पाठगत बोध — छोटो उत्तर (२ अङ्क)
- 'उत्तर' र 'हार' शब्दलाई दुई-दुई फरक अर्थ दिने गरी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
- 'नाक काट्नु', 'कानमा तेल हाल्नु' र 'दुनो सोझ्याउनु' टुक्काको अर्थ लेखी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
- 'एक हातले ताली बज्दैन' र 'घर जलेको बेला इनार खन्नु' उखानको भावार्थ लेख्नुहोस्। [२]
- उखान र टुक्काबिचको भिन्नता लेख्नुहोस्। [२]
- सबै पारिभाषिक शब्द कोशीय क्रममा मिलाई अर्थ लेख्नुहोस् : सरुवा, बढुवा, निलम्बन, परिपत्र, बेरुजु, भरपाई। [२]
- कुनै पाँचओटा अनुकरणात्मक शब्द टिपी वाक्यमा प्रयोग गर्नुहोस्। [२]
उत्तर
१. उत्तर — (क) दिशा: हिमाल उत्तरतिर छ। (ख) जवाफ: प्रश्नको सही उत्तर लेख। हार — (क) पराजय: उसले दौडमा हार स्वीकार्यो। (ख) माला: सुनको हार शोभित थियो।
२. नाक काट्नु — इज्जत बिगार्नु; गलत काम गरेर उसले परिवारको नाक काट्यो। कानमा तेल हाल्नु — सुनेर नसुनेझैँ गर्नु; सल्लाह सुनेर पनि उसले कानमा तेल हाल्यो। दुनो सोझ्याउनु — स्वार्थ पूरा गर्नु; उसले सबैलाई भुलाएर आफ्नै दुनो सोझ्यायो।
३. एक हातले ताली बज्दैन — दुवै पक्षको सहभागिता वा सहयोगबिना कुनै काम सफल हुँदैन। घर जलेको बेला इनार खन्नु — आपत् परेपछि मात्र उपाय खोज्नु; पहिल्यै तयारी नगर्नु।
४. उखान पूरा वाक्य हुन्छ र स्वतन्त्र रूपमा अर्थ दिन्छ; यसमा लोकअनुभवको निचोड हुन्छ (आफू भलो त जगतै भलो)। टुक्का पूर्ण वाक्य होइन, क्रियासहितको पदावली हो र वाक्यमा जोडेर प्रयोग गरिन्छ; यसमा शाब्दिकभन्दा फरक अर्थ हुन्छ (नाक काट्नु = इज्जत बिगार्नु)।
५. कोशीय क्रममा — निलम्बन, परिपत्र, बढुवा, बेरुजु, भरपाई, सरुवा। निलम्बन — कारबाहीका लागि अस्थायी रोक; परिपत्र — धेरै कार्यालयलाई एकैपटक दिइने निर्देशन; बढुवा — माथिल्लो पदमा पदोन्नति; बेरुजु — नियमअनुसार प्रमाणित नभएको रकम; भरपाई — बुझेको लिखित प्रमाण; सरुवा — एक ठाउँबाट अर्कोमा पदस्थापन।
६. ढकमक्क — बगैँचामा फूल ढकमक्क फुलेका छन्। सरासर — उनी सरासर घर गए। झटपट — उसले झटपट काम सकायो। लटरम्म — रुखमा आँप लटरम्म फलेका छन्। हस्याङफस्याङ — ऊ हस्याङफस्याङ गर्दै विद्यालय पुग्यो।
पाठगत बोध — लामो उत्तर (५ अङ्क)
- दिइएका पाँचओटा टुक्काको प्रयोग गरी एक अनुच्छेद लेख्नुहोस् : कम्मर कस्नु, मन फुकाउनु, नाक राख्नु, डाँडो काट्नु, नाक काट्नु। [५]
- दिइएका पाँचओटा उखानको प्रयोग गरी आफ्नो जन्मस्थानको वर्णन गर्नुहोस् : एकले थुकी सुकी सयले थुकी नदी, नजिकको तीर्थ हेला, जिउँदाको जन्ती मर्दाको मलामी, आफू भलो त जगतै भलो, एक हातले ताली बज्दैन। [५]
- कुनै दशओटा अनुकरणात्मक शब्दको प्रयोग गरी आफ्नो विद्यार्थी जीवनको वर्णन गर्नुहोस्। [५]
उत्तर
१. आफ्नै देशमा कम्मर कसेर काम गर्नु बुद्धिमानी हो। इमानदारीसाथ काम गर्दा परिवारको नाक राखिन्छ, तर नराम्रो काम गरेर खानदानको नाक काट्नु हुँदैन। साथीले सम्झाएपछि उसले मन फुकाएर आफ्नो भूल स्वीकार्यो। कसैले रोजगारीका लागि डाँडो काट्नु परे पनि आफ्नो जरा र मातृभूमि बिर्सनु हुँदैन।
२. मेरो जन्मस्थान पहाडको काखमा बसेको सानो गाउँ हो। त्यहाँ एकले थुकी सुकी सयले थुकी नदी भनेझैँ सबै गाउँलेले थोरैथोरै सहयोग जम्मा गरेर बाटो, पाटी र विद्यालय बनाएका छन्। हामीले धेरै बेर नजिकको तीर्थ हेला गरेर आफ्नै गाउँको सौन्दर्य बुझेनौँ। गाउँमा सबैले जिउँदाको जन्ती मर्दाको मलामी भएर सुखदुःखमा साथ दिन्छन्। यहाँका मानिसको विश्वास छ — आफू भलो त जगतै भलो — र सामूहिक काममा एक हातले ताली बज्दैन भन्ने बुझेर सबै मिलेर काम गर्छन्।
३. म विद्यार्थी जीवनमा बिहानै जुरुक्क उठ्छु र झटपट तयार भएर सरासर विद्यालय पुग्छु। बाटोमा बगैँचामा फूल ढकमक्क फुलेका हुन्छन् र हावा सुइँसुइँ चल्छ। कक्षामा शिक्षकले प्रश्न सोध्दा मेरो मुटु ढ्वाङढ्वाङ बज्छ। जवाफ सही भएपछि म गद्गद हुन्छु। परीक्षाको समयमा हस्याङफस्याङ गर्दै पुस्तकालय पुग्छु र रातभर गुनगुन गर्दै पढ्छु। थाकेपछि कुर्सीमा थचक्क बस्छु र सफलता पाएपछि मुसुमुसु हाँस्छु।
व्याख्या गर्नुहोस् (३ अङ्क)
- 'देखासिकी गरी खा, आरिसे मरी जा' उखानको तात्पर्य स्पष्ट पार्नुहोस्। [३]
उत्तर
१. सन्दर्भ। यो उखान 'जीवन मार्ग' रिपोर्ताजमा छिरिङले प्रतिस्पर्धाबारे भन्दै भनेका हुन्। अर्थ। अरूको राम्रो कामबाट सिक्दै आफू पनि अघि बढे उन्नति हुन्छ; तर अरूको प्रगति देखेर ईर्ष्या गरे आफैँ नष्ट हुन्छ। यसले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा र अस्वस्थ डाहबिचको भेद देखाउँछ। निचोड। अरूको सफलताबाट प्रेरणा लिनुपर्छ, डाह गर्नु हुँदैन।
समीक्षात्मक उत्तर (८ अङ्क)
- नेपाली भाषाको शब्दभण्डारलाई समृद्ध बनाउन उखान, टुक्का र पारिभाषिक शब्दले खेल्ने भूमिका समीक्षात्मक ढङ्गले लेख्नुहोस्। [८]
नमुना उत्तर
१. भाषा शब्दको भण्डार मात्र होइन, अनुभव, संस्कृति र विचारको वाहक हो। नेपाली भाषाको शब्दभण्डार तत्सम, तद्भव, आगन्तुक र अनुकरणात्मक शब्दले समृद्ध छ; यसलाई थप अर्थगर्भित र जीवन्त बनाउने काम उखान, टुक्का र पारिभाषिक शब्दले गर्छन्।
उखानको भूमिका। उखान लोकअनुभवको निचोड हो। 'एकले थुकी सुकी सयले थुकी नदी', 'जहाँ चाह त्यहाँ राह' जस्ता उखानले लामो उपदेशलाई एउटै वाक्यमा समेट्छन्। तिनले भाषालाई सङ्क्षिप्त, प्रभावकारी र स्मरणीय बनाउँछन्। उखानमा समाजको इतिहास, मूल्य र अनुभव सुरक्षित हुन्छ, त्यसैले यो भाषाको सांस्कृतिक सम्पत्ति हो।
टुक्काको भूमिका। टुक्का शब्दको शाब्दिक अर्थभन्दा फरक अर्थ दिने पदावली हो। 'नाक काट्नु', 'सुइँकुच्चा ठोक्नु', 'कानमा तेल हाल्नु' जस्ता टुक्काले सामान्य क्रियालाई गतिशील र चित्रात्मक बनाउँछन्। यसले भाषालाई बोलीचालीको स्वाद दिन्छ र भाव सङ्केतमा व्यक्त गर्ने शक्ति दिन्छ।
पारिभाषिक शब्दको भूमिका। कानुन, प्रशासन, विज्ञान, अन्तरिक्ष र साहित्यजस्ता क्षेत्रमा एउटै निश्चित अर्थ दिने शब्द चाहिन्छ। 'बेरुजु', 'इजलास', 'ब्रह्माण्ड', 'अलङ्कार' जस्ता शब्दले अस्पष्टता हटाउँछन् र ज्ञानको आदानप्रदानलाई सटीक बनाउँछन्। आधुनिक नेपाली भाषाले विज्ञान-प्रविधिको शब्दावली आत्मसात् गर्दै विकास गरेको यही प्रमाण हो।
सीमा र चुनौती। तर आज धेरै उखान र टुक्का नयाँ पुस्ताले प्रयोग गर्न छाडेको छ; पारिभाषिक शब्दको स्तरीय प्रयोग पनि सबैमा पुगेको छैन र अङ्ग्रेजी शब्दले स्थान लिँदै छ। यसको समाधानका लागि विद्यालयमा शब्दभण्डारको अभ्यास, शब्दकोशको प्रयोग र लेखन-प्रतियोगिता आवश्यक छन्।
निष्कर्ष। उखान अनुभवको सङ्क्षेप, टुक्का भावको चित्रण र पारिभाषिक शब्द ज्ञानको शुद्धता हुन्। तीनवटैको सन्तुलित प्रयोगले नेपाली भाषालाई अर्थगर्भित, जीवन्त र समयसापेक्ष बनाउँछ।
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